परिवार में परिवर्तन के कारक - factors of change in the family
परिवार में परिवर्तन के कारक - factors of change in the family
परिवार व्यवस्था में आज जो भी परिवर्तन क्रियान्वित हो रहे हैं उनके पीछे कुछ कारक छिपे हुए हैं। उनमें से प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं
1. औद्योगीकरण
औद्योगीकरण ने सामाजिक संरचना को परिवर्तित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। औद्योगीकरण ने मशीनों के युग का आरंभ कर दिया और इसने संपूर्ण अर्थव्यवस्था के ढांचे को ही परिवर्तित कर दिया। इन नई आर्थिक व्यवस्था ने प्रत्यक्ष तौर पर परिवार के आकार और प्रकार्य को प्रभावित किया। ग्रामीण समाजों में रोजगार के अवसर कम होते हैं और इसी कारण लोग रोजगार की तलाश में पलायन करते हैं। यहाँ आय व्यक्तिगत होने के कारण संयुक्त परिवारों का विघटन होने लगा और वे नाभिकीय परिवारों में परिवर्तित होने लगे। इन परिवारों में पति-पत्नी और उनकी अविवाहित संताने शामिल होते हैं।
2. नगरीकरण
नगरीयसमाजों में अनेक सुविधाएँ और साधन उपलब्ध होने के कारण ग्रामीण समाजों से पलायन होने से भी परिवारों में विघटन होने लगे। यहाँ विभिन्न विचारधारा, विश्वास, मत, धर्म आदि से संबंधित लोग निवास करते हैं। यहाँ विविधता के साथ-साथ नवीनता को भी अधिक महत्व दिया जाता है। स्पर्धापूर्ण वातावरण के कारण भी परिवार विघटित होते हैं।
3. कानूनों का प्रभाव
समय-समय पर सरकार ने कई कानूनों का नियोजन किया है। इन कानूनों ने महिलाओं की स्थिति में कई नूतन परिवर्तन किए हैं। तलाक के अधिकार शिक्षा के अधिकार, नौकरी की स्वतंत्रता आदि ने महिलाओं की स्थिति को तो सुदृढ़ अवश्य ही किया है परंतु दूसरी ओर एक पारिवारिक संघर्ष की स्थिति का भी सृजन किया है।
4. पाश्चात्य जीवन दर्शन और शिक्षा व्यवस्था
वर्तमान शिक्षा व्यवस्था अंग्रेजों द्वारा प्रदत्त है। इसके प्रभाव स्वरूप हमारी जीवन शैली पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित दिखाई देती है। पश्चिमी दर्शन, भौतिकवाद, उदारवाद आदि दर्शनों की छाप हमारे विचारों में स्पष्ट तौर पर परिलक्षित होती है। महिलाएं, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश करने लगी हैं, इस कारण से भी पारिवारिक संरचनाएँ कमजोर होने लगी हैं। हालांकि इस पर शोध हो रहे है।
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