प्रमुख नव सामाजिक मानवाधिकार आंदोलन - Major neo social human rights movement
प्रमुख नव सामाजिक मानवाधिकार आंदोलन - Major neo social human rights movement
मानवाधिकार पद का प्रयोग वर्तमान समय में सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनकारियों द्वारा ऐसे संदर्भ में किया जाता है, जो नैसर्गिक हमारे स्वभाव में अंतर्नि और जिनके बिना हम मनुष्य के रूप में जीवन बसर नहीं कर सकते। इन अधिकारों का राज्य द्वारा हनन नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि राज्य की सत्ता से इन अधिकारों की रक्षा किए जाने की आवश्यकता है। भारत में मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के अनुसार मानव अधिकारों से अभिप्राय संविधान द्वारा समझौतों में निहित अधिकारों से है, जो स्वतंत्रता समानता और गरिमामयी जीवन की दिशा में प्रेसित रखे।
इंदिरा गांधी द्वारा 25 जून 1975 को आपातकाल लगाने से नागरिक अधिकार आंदोलन को प्रेरणा मिली। मूल अधिकारों को यह कहकर निलंचित कर दिया गया कि इनका प्रयोग सुविधासंपन्न वर्ग द्वारा अधिकांश व्यक्तियों के हितों हेतु नियोजित कार्यक्रमों के मार्ग में बाधा उत्पन्न करने के लिए किया जाता है। इसने ऐसे बौद्धिक, राजनीतिक परिवेश को जन्म दिया, जिसनेनागरिक और लोकतांत्रिक अधिकार आंदोलनों के वर्तमान स्वरूप को निर्मित किया। वर्तमान समय में कई राज्यों में मानव अधिकारों से संबंधित समूह है। 1976 में जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज एंड डेमोक्रेटिक राइट्स संगठन का गठन किया गया। कुछ समय के पश्चात यह संगठन दो भागों में बंट गया
● पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबटीज (PUCL)
● पीपल्स यूनियन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स (PUDR)
यह विभाजन मूल रूप से वैचारिक आधार पर ही था। PUCL नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक अधिकारों को अलग करता है और समान्यतः लोकतांत्रिक अधिकार इसके कार्यक्षेत्र की परिधि से बाहर रहते हैं। यह संगठन उदारबादी प्रकृति का है, जो जन आदोलन के स्थान पर संवैधानिक कदम उठाने पर जोर देता है। वहीं PUDR का मानना है कि सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों को एक दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता है और उन्हें उस प्रकार के आंदोलनों का समर्थन करना चाहिए जो शोषित वर्गों के सामाजिक-आर्थिक मसलों को उठाते हैं। इनके अलावा भी अन्य महत्वपूर्ण और सक्रिय राज्य स्तरीय संगठन हैं जो इस क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करते हैं।
• आंध्र प्रदेश नागरिक संघ (APCLC)
लोकतांत्रिक अधिकारों हेतु संप पंजाब (AFDR)
● लोकतांत्रिक अधिकारों के रक्षण हेतु संघ, महाराष्ट्र (CPDR)
लोक संघ अधिकार, गुजरात
मानव अधिकारों हेतु नागा लोगों का आंदोलन, नागालैंड
प्रजातंत्र हेतु नागरिकगण दिल्ली व मुंबई
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