नव सामाजिक आंदोलनों का विमर्श - Neo Social Movements

 नव सामाजिक आंदोलनों का विमर्श - Neo Social Movements

आरंभिक दौर में समाज में व्याप्त असतोष के कारण आंदोलन किए गए। उन आंदोलनों के बारे में एक खास बात यह थी कि सामान्य तौर पर वे आंदोलन समाज के सभी आयामों में निहित असंतोष के निपटारे से संबंधित थे। धामधीर समय परिवर्तित हुआ और विद्वानों का यह मानना है कि 70 के दशक के बाद से होने वाले आदोलन अस्मिता और अस्तित्व उन्मुखी होने लगा इन आंदोलनों को नव सामाजिक आंदोलन की संज्ञा दी गई। इन नव सामाजिक आंदोलना में यह बात तो सामान्य तौर पर निहित थी कि ये किसी एक वर्ग अथवा समस्या पर फोकस थे और यह अस्तित्व से संबंधित था। इन आंदोलनों में प्रमुख आंदोलन जो प्रसिद्ध हुए उनमें नारीवादी आंदोलन, पर्यावरणीय आंदोलन मानवाधिकार आंदोलन, छात्र आंदोलन, भ्रष्टाचार आंदोलन सम्मिलित हैं।


इस इकाई में नव सामाजिक आंदोलनों के बारे में संज्ञान कराने का प्रयास किया गया है जिसमें प्रमुख आंदोलनों में अग्पिको आंदोलन चिल्का बचाओ आंदोलन, नारीवादी आंदोलनों मानवाधिकार आंदोलनों व छात्र आंदोलनों के बारे में बोध कराया गया है। अंततः नव सामाजिक आंदोलना व उससे संबंधित  विमर्श के बारे में भी विश्लेषण किया गया है।