औद्योगिक क्रांति का आर्थिक प्रभाव - Economic Impact of the Industrial Revolution
औद्योगिक क्रांति का आर्थिक प्रभाव - Economic Impact of the Industrial Revolution
1. आर्थिक समृद्धि- औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप वस्तुओं के निर्माण, व्यापार आदि से लाभ में अभूतपूर्व वृद्धि हुई। इसका परिणाम यह हुआ कि इंग्लैंड विश्व का सबसे धनी देश बन गया। सस्तें और बड़े पैमाने पर वस्तुओं के उत्पादन का लाभ सामान्य एवं गरीब जनता को मिला। इससे उनके रहन-सहन का स्तर ऊंचा हुआ।
लोगों के जीवन स्तर में वृद्धि औद्योगिक क्रांति के बाद वस्तुओं का अधिक मात्रा में उत्पादन होने लगा। व्यापार में उद्योगपतियों के साथ-साथ सामान्य जनता को भी लाभ हुआ। पर्याप्त रोजगार मिलने से व्यक्तिओं की आय में वृद्धि हुई। शहरीकरण प्रक्रिया तेज हुई जिससे लोगों के जीवन स्तर में तेजी से वृद्धि हुई। 3. इंग्लैंड की औद्योगिक सर्वोच्चता औद्योगिक क्रांति के कारण इंग्लैंड की विश्व में औद्योगिक सर्वोच्चता स्थापित हो गयी। औपनिवेशिक देशों के साथ-साथ विश्व भर के बाजार इंग्लैंड द्वारा निर्मित वस्तुओं से पट गये।
4. रोजगार में वृद्धि औद्योगिक क्रांति के बाद रोजगार के अवसरों में तेजी से वृद्धि हुई कारखानों में अधिकारी, कर्मचारी, श्रमिक की भारी मांग थी। साथ ही साथ यातायात एवं संचार के साधनों, व्यापारिक संगठनों, बैंकों आदि में रोजगार के असीमित अवसर निर्मित हुए।
5. व्यापार के सहायक संस्थाओं का विकास औद्योगिक क्रांति के बाद वस्तुओं का उत्पादन एवं व्यापार बढ़ने इसकी सहायक संस्थाओं में वृद्धि हुई। बैंक, बीमा कम्पनी, आदि जैसे व्यापारिक संगठनों का विकास हुआ। बैंकों ने पूंजी के एकीकरण एवं विनियोग में सहयोग दिया।
6. मजदूर संघों का जन्म औद्योगिक क्रांति के बाद बड़े पैमाने पर उद्योगो का विकास हुआ जहा काफी संख्या में श्रमिक कार्य करते थे। जिनके हित कभी-कभी कारखाना मालिको से टकराते थे जिससे उन्होंने सामूहिक रूप से कारखाना मालिको पर दबाव बनाने और अपनी मांगों को मनवाने के लिए मजदूर संघों का निर्माण किया। बाद में इन मजदूर संघों का महत्व ग्रेट ब्रिटेन के आर्थिक व राजनीतिक जीवन में इतना बढ़ गया कि 18 वीं शताब्दी के अंतिम दशक तक सरकार को इन पर प्रतिबंध लगाना पड़ा।
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