प्रबोधन काल - Enlightenment Period

प्रबोधन काल - Enlightenment Period

यूरोप में प्रबोधन पुनर्जागरण के बाद की बौद्धिक चिंतन की अवस्था है। जिसमें पुनर्जागरण काल में विकसित हुई वैज्ञानिक चेतना ने, तर्क एवं अन्वेषण की प्रकृति ने परिपक्वता प्राप्त कर ली। वैज्ञानिक चिंतन की इस परिपक्व अवस्था को प्रबोधन कहा गया। यूरोप में 17वीं शताब्दीं के अन्तिम दशक से लेकर 18वीं शताब्दी के अन्तिम दशक की अवधि जिसमें मानवीय चिंतन मे क्रांतिकारी बौद्धिक परिवर्तन हुए, को प्रबोधन काल या ज्ञानोदय काल कहा गया। इसका आधार पुनर्जागरण, धर्म सुधार आंदोलन वा वाणिज्यिक क्रांति तैयार किया था। इस प्रकार कहा जा सकता है कि प्रबोधन पुनर्जागरण की विकसित एवं परिपक्व अवस्था है।


प्रबोधन कालीन चिंतकों इस बात बल दिया कि भौतिक, प्राकृतिक एवं सामाजिक घटनाओं के पीछे किसी न किसी व्यवस्थित अपरिवर्तनशील और प्राकृतिक नियम का हाथ है। जिसकी सत्यता को निरीक्षण, परीक्षण, प्रयोग जैसी वैज्ञानिक पद्धतियों के माध्यम से परखा जा सकता है। इस तरह से कार्य कारण संबंध का अध्ययन प्रबोधन कालीन चिंतन का केंदीय तत्व था।