मनोचिकित्सीय स्थापनों में समूह कार्य - Group Work in Psychiatric Settings
मनोचिकित्सीय स्थापनों में समूह कार्य - Group Work in Psychiatric Settings
मनोचिकित्सीय स्थापनों में समूह कार्य
यह लोगों की व्यवहार संबंधी विविध समस्याओं में बहुत उपयोगी होता है। समूह कार्यकर्ताकई तरह की तकनीकें प्रयोग करते हैं, जैसे- प्रायोगिक संबंध निर्माण, संवाद, संचार तथा व्यवहार परिवर्तन आदि। इनसे रोगी का मानसिक स्वास्थ्य एवं सामूहिक संबंध (group relationships) सुधरते हैं।
मनोचिकित्सा में समूह कार्य की आवश्यकता / उद्देश्य सबसे पहले हम निम्न बिंदुओं के आधार पर मनोचिकित्सीय उपचार प्रक्रिया में समूह कार्य के महत्व और उसकी आवश्यकता पर प्रकाश डालेंगे
1. किसी व्यक्ति में अपने कल्याण के प्रति भावना को बढ़ाना
2. रोगी को अपने सर्वोत्तम सामर्थ्य की प्राप्ति या जीवन की समस्याओं से बेहतर संघर्ष के लिए प्रोत्साहित करना |
3. प्रशिक्षण द्वारा उसे सक्षम बनाने का प्रयास करना|
4. यह रोगी के सभी विचारों की अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करता है, जिसमें कल्पनाएं और स्वप्न शामिल होते हैं, जिसके द्वारा विश्लेषक उस अचेतन संघर्ष का निरूपण करता है जो रोगी में लाक्षणिक और व्यवहारगत समस्या का कारण है।
वैसे मानसिक सामूहिक कार्य जो मानसिक अथवा आवेगात्मक असंतुलनकी स्थिति में समूह कार्यकर्ता द्वारा किए जाते हैं, मनोचिकित्सीय समूह कार्य कहलाते है। इस प्रकार के समूह कार्य को समूह कार्यकर्ता स्वयं भी कर सकता है या कभी-कभी उसे किसी मनोचिकित्सक की जरूरत भी पड़ सकती है। मनोचिकित्सकों के साथ मिल कर ये सहयोग कार्य मानसिक अस्पतालों, उपचार सदनों तथा निजी तौर पर कार्य करने वाले मानसिक चिकित्सकों की व्यवस्थाओं के अंतर्गत हो सकता है
मनोचिकित्सीय समूह कार्य का प्रयोग विशेष रूप से प्रशिक्षित ऐसे व्यक्तियों द्वारा किया जाता है जो कुछ सीमा से हैं वे तक मनोचिकित्सीय विज्ञान के ज्ञान युक्त होते हैं तथा वे इस ज्ञान को वैयक्तिक सेवा कार्य और समूह कार्य प्रकिया में अभ्यास कर प्रयोग करते रहते हैं। ये लोग मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम पर विशेष ध्यान देने वाली संस्था में कार्य करते है। मनोचिकित्सीय समाज कार्यकर्ता सामाजिक असमायोजन के उन सेवार्थियों के साथ कार्य करता है, जिनमें मनोस्नायुविकृति अथवा मनोविकृति के प्रारंभिक अवस्था में समाधान करने का विशेष महत्व होता है। यह कार्य वैयक्तिक या समूह कार्य, शोध कार्य, शैक्षणिक कार्य हो सकता है। मनोचिकित्सीय समूह कार्यकर्ता के कार्य मनोचिकित्सीय समूह कार्यकर्ता के निम्नलिखित कार्य है
1. रोगी का मानसिक परीक्षण तथा निदान करना- रोगी के रोग से संबंधित इतिहास जानने के बाद उसकी समस्या का निदान किया जाता है। इसका तरीका विभिन्न संस्थाओं द्वारा अलग अलग प्रकार से किया जाता है.
इसलिए इसका कोई निश्चित प्रारूप नहीं है। इस कार्य हेतु कार्यकर्ता को मनोचिकित्सा से संबंधित अच्छी जानकारी का होना आवश्यक है
2. उपचार - मानसिक रोगों के बहुत से कारण व्यक्तिगत, सामाजिक, पारिवारिक या मनोवैज्ञानिक होते है तथा इन रोगों का वास्तविक उपचार भी इन्हीं में सन्निहित होता है। हमारे देश में इस समस्याओं का उपचार समूह सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा कुछ स्थानों तक ही सीमित है। कार्यकर्ताओं द्वारा रोगी का उपचार मनोसंजिक पद्धति से किया जाता है| जब एक ही जैसी समस्या से व्यक्ति झूझ रहा होता है तो कार्यकर्तासमूह उनके साथ मिल कर समूह में इसे सुलझाते है।
3. अनुरक्षण- जब रोगी उपचार के पश्चात घर जाता है तब कार्यकर्ता द्वारा उसके घर वालों को उसके उपचार संबंधी संपूर्ण जानकारी दी जाती है साथ ही उचित परामर्श और दिशा निर्देश भी दिए जाते हैं।
4. पुनर्वास - मानसिक रोगियों के पुनर्वास में भी कार्यकर्ता की महती भूमिका रहती है। ऐसे रोगी जो गंदे रहते है, नाखून नहीं काटते, नहाते नहीं उन्हें स्वच्छ रखने के लिए तथा दैनिक क्रियाओं का प्रशिक्षण देने हेतु जो कार्य होता है उसे पुनर्वास का प्रथम पहलू कहा जा सकता है।
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