समुदाय में युवाओं के साथ समूह कार्य - Group Work with Youth in the Community
समुदाय में युवाओं के साथ समूह कार्य - Group Work with Youth in the Community
समुदाय में युवाओं के साथ समूह कार्य
समाज में प्रत्येक वर्ग बच्चों, किशोरों तथा युवाओं के माध्यम से सामाजिक समूह कार्य किया जा सकता है। इस कार्य द्वारा समाज में व्याप्त विभिन्न प्रकार की समस्याओं का समाधान व्यहारिक रूप से किया जा सकता है, जिसमें युवाओं का एक महत्वपूर्ण स्थान होता है। इस समूह कार्य को प्रभावित करने वाले मुख्य कारणों को निम्न प्रकार से देखा जा सकता है -
1. शैक्षिक योग्यता
2. विद्यालय का आकार
3. अध्ययनशील है या नहीं
4. परिवार का प्रकार
5. पड़ोस का माहौल
6. जीवन शैली
7. स्वयं का व्यक्तित्व
समाज में व्याप्त समस्याओं के निराकरण हेतु अनेक प्रकार के युवा समूहों का निर्माण किया जा सकता है, जिनके माध्यम से उचित समाधान को खोजा जा सके।
1. शैक्षिक समूह:- इस प्रकार समूह के अंतर्गत समाज में व्यात कठिन परिस्थितियों के निराकरण से के संबंधित सुझाव दिए जाने चाहिए। अत समूह सदस्यों को प्रायोगिक रूप से सहायता प्रदान करनी चाहिए।
2. मनोरंजनात्मक समूह:- इस प्रकार के समूह में अपने सदस्यों को छोटी-छोटी खुशियां मनाने के लिए प्रोत्साहन आवश्यक होता है। अतः सदस्य बड़े जोखिमों को भी सहजता से सुलझाने में सफल होता है और स्वस्थ जीवन शैली के विकास में सहयोग प्रदान करता है।
3. व्यक्तित्व विकास समूह:- इस समूह में प्रत्येक सदस्य के स्वयं का आकलन कराना चाहिए। उनकी योग्यताओं एवं आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन देना चाहिए।
व्यवहार / कार्य
सामाजिक समूह कार्य में समूहगत कार्य करने के लिए व्यवहार का बहुत महत्वपूर्ण योगदान होता है। अतः युवाओं के साथ किस तरह का व्यवहार करना चाहिए यह अत्यंत आवश्यक होता है, इसके अंतर्गत निम्न बिंदुओं की चर्चा की जा रही है-
1. उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए युवा वर्ग के समक्ष ऐसे प्रसंग रखना चाहिए जिनका प्रतिरोधन किया जा
सके। समूह कार्य में स्वयं का निर्णय महत्वपूर्ण होता है। अत: लक्ष्य तक पहुँचने के लिए उन मार्गों व साधनों का उपयोग करना चाहिए, जिसमें सदस्यों को अलग किए बिना लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
2. समूह कार्यकर्ता के लिए आवश्यक है कि उद्देश्य प्राप्ति हेतु आपस में एक-दूसरे के प्रति विश्वास होना चाहिए। अत: विश्वास स्थापित करने हेतु सभी सदस्यों को ईमानदारी का परिचय देना चाहिए।
3. समूह के सभी सदस्य अपने-अपने अनुभवों को युवाओं के सामने रख सकते हैं ताकि बच्चे और युवा जो उचित समझे उसे सहजता से अपना सके।
4. समूह के प्रत्येक सदस्य को ध्यान रखने की आवश्यकता है कि नीति-निर्देश समूह के लाभ के लिए एवं व्यक्तिगत हित के लिए किसी भी वस्तु को उपयोग नहीं करना चाहिए।
5. युवा वर्ग के समक्ष यह जताना आवश्यक है नहीं है कि वह अच्छा या बेहतर जानता है।
6. जब यह निश्चित हो जाए कि समूह के सभी सदस्य कार्य करने के लिए दक्ष है, तभी उन्हें कार्य सौंपना चाहिए। इस दौरान कार्य करते समय यदि कोई गलती होती है, तो उसे नज़रअंदाज़ करनी चाहिए जिससे कि सदस्य हतोत्साहित ना हों।
7. समाज कार्य के लिए समूह का चयन करते समय समान लिंग, समान आयु के वर्ग का चयन करना चाहिए।
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