समूह कार्यकर्ता के कार्य - Group Worker Tasks

समूह कार्यकर्ता के कार्य - Group Worker Tasks

समूह कार्यकर्ता के कार्य 

1. समूह सदस्यों की उपस्थिति की ओर ध्यान देना।


2. समिति द्वारा सदस्यों की नियमित की निगरानी करना।


3. प्रत्येक बैठक की कार्यवाही एवं दस्तावेजों के विवरण का निरीक्षण करना।


4. समूह के सदस्यों को नियमित बचत हेतु प्रोत्साहित करना ।


5. बचत राशि को बैंक खाते में जमा करने हेतु प्रेरित करना ।


6. आपसी ऋण का प्रोत्साहन करना एवं स्पष्टता बनाए रखना।


7. सदस्यों को अन्य छोटे कुटीर उद्योगों हेतु प्रोत्साहित करना


8. ऋण सदस्य द्वारा ऋण व्यवसाय में उपयोग के संदर्भ में अवगत कराना।


9. समूह सदस्यों को चयनित गतिविधियों के माध्यम से परिचित कराना।


10. समिति द्वारा बचत / ऋण खातों का रख-रखाव को नियमित करने हेतु प्रशिक्षण प्रदान कराना।


11. अन्य आवश्यक सेवाओं को उपलब्धकराना। 


समूह बैठक के संदर्भ में कार्य


समूह की प्रत्येक बैठक में जिन बिंदुओं परआवश्यक रूप से चर्चा की जाती है, उन बिंदुओं पर कार्यकर्ता से निम्न प्रकार से अपनी भूमिका अदा करता है-



1. बैठक में उपस्थित सदस्यों की संख्याका निर्धारण करना। 


2. पिछली बैठक में लिए गए निर्णय का क्रियान्वयन करने में सहायक की भूमिका का निर्धारण करना


3. पिछले माह में सदस्यों द्वारा जमा राशि के विवरण पर ध्यान देना।


4. बैंक मे जमा राशि के विवरण को देखना।


5. सदस्यों द्वारा अन्य सदस्यों को स्वीकृत किए गए ऋण के संबंध में जानकारी रखना ।


6. समूह द्वारा प्रस्तावित व्यावसायिक गतिविधि के संचालन हेतु मार्गदर्शक की भूमिका अदा करना। 


7. सदस्य से वसूल किए गए ऋण का विवरण तैयार करना।


8. यदि किसी सदस्य ने निर्धारित ऋण की किस्त वापस नहीं की है, तो उक्त संबंध में की जानेवाली कार्यवाही को अन्य सदस्यों द्वारा सुनिश्चित करना ।


9. समूह के अन्य आय व्यय विवरण की ओर ध्यान देना। 


10. अन्य व्यावसायिक एवं पारिवारिक समस्याओं की चर्चाकरना ।


स्व-सहायता समूह के लिए मुख्य रूप से कुछ महत्त्वपूर्ण बातों को ध्यान में रखने की आवश्यकता होती है-


1. स्व-सहायता समूह गठन के बाद नियमित बैठक आवश्यक है।


2. समूह के सदस्यों को बैठक में भाग लेना आवश्यक है। 


3. बैठक में समूह की गतिविधियों, समूह को सुदृढ़ करने समूह की आय बढ़ाने सदस्यों को ऋण की आवश्यकता, गाँव की समस्या, बच्चों/बच्चियों को पढ़ने/बढ़ने पर चर्चा आदि पर विचार करना चाहिए


4. बैठक में की गई चर्चा का ब्यौरा कार्यवाही रजिस्टर में दर्ज करना आवश्यकतानुसार ऋण दिया जा सके।


5. इस बात की निगरानी करना कि समिति से प्राप्त ऋण का सही उपयोग करें, जैसे- अपने व्यवसाय में लगाएँ, बच्चों / बच्चियों के पढ़ने पर खर्च करें अथवा अपने अन्य महत्त्वपूर्ण कार्यों में लगाएं।


6. समिति से प्राप्त ऋण समिति की शर्तों के अनुसार समय के अंदर दें। 


7. समूह के छह माह सफल संचालन के उपरांत समिति सदस्य अथवा अध्यक्ष अपने ग्राम के ग्राम सहायक, विस्तार अधिकारी अथवा विकास खंड अधिकारी से संपर्क कर समिति के चयनित व्यवसाय के ऋण के लिए संपर्क करें।