अमेरिका में सामाजिक समूह कार्य का ऐतिहासिक विकास - Historical Development of Social Group Work in America

अमेरिका में सामाजिक समूह कार्य का ऐतिहासिक विकास - Historical Development of Social Group Work in America


अमेरिका में सामाजिक समूह कार्य का विकास पिछले लगभग 60 वर्षों में ही प्रतीत होता है। प्रारंभ में इसका स्वरूप केवल मनोरंजनात्मक था। लोग इसे केवल खेल-कूद, सांस्कृतिक गतिविधियों के परिप्रेक्ष्य में ही समझते थे। समय के साथ-साथ इनकी कार्य प्रणालियों और उनके उद्देश्यों में बदलाव आया। अमेरिकी सामाजिक समूह कार्य इंग्लैंड के समूह कार्य की तरह ही प्रतीत होता है। 20 वीं शताब्दी के प्रारंभ में दोनों की कार्य प्रणालियाँ लगभग समान ही नज़र आती है। परंतु 1935 के बाद इनकी कार्य प्रणालियों में कुछ अंतर देखा जा सकता है। 


अमेरिका के सामाजिक समूह कार्य और इतिहास को निम्नलिखित बिंदुओं द्वारा स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है:


1 स्वकीय दान संगठन समितियाँ (प्राइवेट चैरिटी) 


इंग्लैंड के समूह समाज कार्य और अमेरिका के समूह समाज कार्य में जो प्राथमिक भिन्नताएँ नज़र आती हैं उसमें सर्वप्रथम स्वकीय दान संगठन पद्धति को देखा जा सकता है। इंग्लैंड में निर्धनों को जो सहायता प्रदान की जाती थी, उसके अंतर्गत निर्धनों को निवास हेतु Poor House or Work House प्रदान किए जाते थे। जबकि अमेरिका में निर्धनों, अनाथों और आश्रितों को उनके रहने एवं उनमें कुछ सुधार लाने हेतु भिक्षागृह एवं सुधार गृह बनवाए गए थे। अमेरिका में पहला भिक्षागृह 1657 में न्यूयॉर्क के अंतर्गत खोला गया। कुछ समय पश्चात ऐसे कई भिक्षागृह अन्य नगरों में भी खोले जाने लगे। 


इंग्लैंड में वैयक्तिक रूप से निर्धनों एवं आश्रितों को जो सहायता प्रदान की जाती थी उसमें अस्पतालों का अत्यधिक महत्व था एवं इसी प्रकार के माध्यमों से निर्धनों की सहायता की जाती थी। जबकि अमेरिका में जो वैयक्तिक दान पद्धति थी उसका स्थान बहुत ही कम था। जो कुछ थोड़ी-बहुत दान पद्धति थी, उसे 18 वीं शताब्दी तक बंद कर दिया गया था। एक ऐसी ही गैर सरकारी चैरिटी का भी अमेरिका में निर्माण कराया गया था जो राष्ट्रीयता पर आधारित थी। ऐसी अन्य समितियों के लिए इनकी दशाओं को सुधारने के लिए, नियम-कानूनों का निर्माण भी कराया गया। 

अत: इस प्रकार के कार्यों को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने के लिए 1898 में न्यूयॉर्क नगर में पहला समाज कार्य पाठ्यक्रम संगठित किया गया। जितने भी गैर-सरकारी संगठन कार्य कर रहे थे उनको भी ठीक से संचालित करने के लिए Council of Social Agencies की स्थापना भी की गई। समस्त समूह कार्यों को किस प्रकार क्रियान्वित किया जाए एवं उनके सफल संचालन के लिए किस प्रकार से संयुक्त होकर धन को एकत्रित किया जाए इसके लिए Community Chest की भी स्थापना की गई, जिसके अंतर्गत समस्त एकत्रित धन को संगठित रूप से रखने की व्यवस्था थी।


अमेरिका में समूह समाज कार्य के विकास में एक और महत्वपूर्ण विकास तब नज़र आया जब The Settlement House movement को चलाया गया। इस आंदोलन का उद्देश्य उन गंदे एवं भीड़-भाड़ वाले इलाके, जहाँ अत्याधिक लोग निवास करते थे, हटाकर उन्हें एक अन्य प्रकार की संस्था, जिसका नाम Settlement House था, के अंतर्गत उन्हें रखा जाता था। इस संस्था में रहने वाले जितने भी व्यक्ति थे उनमें से अधिकतर समाज सुधारक बन गए और उन्होंने गंदी बस्तियों की सफाई, बाल अपराधियों के विशेष न्यायालय, आवास के लिए उचित विधान व्यवस्था के लिए कालांतर में माँग रखीं। इस प्रकार से अमेरिका में समूह समाज कार्य का प्रारंभ नज़र आता है।


2 युवाओं के साथ कार्य करने का काल 


अमेरिका में युवाओं के साथ कार्य करने का या उस समय प्रारंभ हुआ जब जॉर्ज विलियम द्वारा स्थापित Young men's christian Association (YMCA) की स्थापना इंग्लैंड में हुई और इसने निरंतर युवाओं के क्षेत्र में कार्य किया। इसकी सफलता को ध्यान में रखते हुए अमेरिका में भी एस.जे.वी. सुलिवान द्वारा बोस्टन शहर में सन 1851 में Young men's christian Association की स्थापना इसी उद्देश्य के साथ की गई, जिससे युवाओं के क्षेत्र में कुछ प्रगतिशील कार्यक्रम को क्रियान्वित किया जाए। इसी तरह की एक और अन्य संस्था 1866 में बोस्टन में ही लुक्रेटिया बोयड के द्वारा Young men's christian Association स्थापित की गई जिससे महिलाओं के क्षेत्र में भी प्रगतिशील कार्य हो सकें। इसके लिए YMCA नामक संस्था को संचालित किया गया। इसके उपरांत अमेरिका में युवाओं के क्षेत्र में कार्य करने के लिए निरंतर नई संस्थाओं का गठन किया गया। जैसे - 1910 American boys Scout. 1911 में Camfire Girls इस प्रकार से अमेरिका में युवाओं के सर्वांगीण विकास हेतु इन उपर्युक्त संस्थाओं का निर्माण और विकास किया गया। 


3 आवश्यकता ग्रस्त व्यक्तियों के साथ कार्य करने का युग- 


अप्रवासी भारतीय जो अमेरिका में जाकर निवास कर रहे थे उनकी स्थिति अत्यंत दयनीय एवं विचारणीय थी। न उनके भाषा का मेल-जोल था और न ही विचारधाराओं का मेला भिन्नभिन्न भाषा समूह के कारण उन्हें व्यक्तिगत रूप से इंगित करने की आवश्यकता थी। सर्वप्रथम कैनन सॅमुअल (Cannon Samuels) द्वारा अप्रवासी भारतीयों के उत्थान के लिए कदम उठाए गए। इन्होंने इनकी गंदी बस्तियों, आपस में पड़ोस भावना, अच्छे ढंग से जीवन-यापन करने के तौर तरीके पर विशेष ध्यान दिया। इस कार्य हेतु सैमुअल का दृष्टिकोण यह था कि इन अप्रवासी भारतीयों के बीच शिक्षित लोगों को रखा जाए, ताकि जीवन शैली एवं पड़ोस भावना का विकास किया जा सके। इस व्यवस्था को सर्वप्रथम अमेरिका में स्टैन्टन क्वाइट (Stanton Coit) और (Charles B. Stover) (चार्ल्स बी. स्टोवर) ने लागू किया। इनके द्वारा 1857 में न्यूयॉर्क शहर में पड़ोस संघ' की स्थापना की गई। चूँकि यह व्यवस्था दलितों के सुधार हेतु स्थापित की गईतत्पश्चात इसने “विश्वविद्यालय बंदोबस्त आवास का रूप ले लिया। इसी तरह एक और संस्था का आरंभ किया गया जिसका नाम “हल हाऊस" था। इसे शिकागो में स्थापित किया गया, जिसकी नींव जीन एडम्स (Jane Adems एवं एलेन गेट्स (Allen Gates) ने डाली। विभिन्न देशों से अप्रवासी, जिनमें इटैलियन, जर्मन, ग्रीक, पोलिस तथा रूसी आदि थे, इनके लिए सेटलमेंट हाऊस खोला गया। बालक एवं बालिकाओं के लिए दैनिक नर्सरी एवं किंडर गार्डन स्थापित किए गए।


महिलाओं के लिए 1889 में न्यूयार्क में कॉलेज सेटेलमेंट 1892 में बोस्टन में तथा 1894 में शिकागो कॉमर्स की स्थापना की गई। हेनरी स्ट्रीट सेटेलमेंट की स्थापना भी 1894 में न्यूयॉर्क में की गई। इन संस्थाओं का निर्माण सामाजिक तथा सामूहिक सुधार हेतु किया गया। इन सभी में सेटेनमेंट हाउस के लोगों का सर्वांगीण विकास हुआ।


4 कल्याण सेवाओं के संगठन का युग


समाज समूह कार्य के प्रचार प्रसार की दृष्टि से संयुक्त राज्य अमेरिका में 1917 से 1929 की अवधि महत्वपूर्ण है। इस समय में विभिन्न राज्य कल्याण सेवाओं के महत्व को समझ कर आगे आए। कल्याण सेवाओं के संगठनों का एवं संपूर्णराज्य प्रणाली के प्रयास का समन्वय किया गया। परिणाम स्वरूप राज्य में गवर्नर द्वारा कल्याण विभाग एवं सलाहकार बोर्ड की स्थापना की गई।


5 संघीय सहायता एवं अनुदान का युग


समाज में रहने वाले लोगों की सहायता एवं आवश्यक सामग्री को प्रदान करने हेतु “संघीय कार्यक्रम अत्यधिक प्रभावी रहा है। इस प्रकार अनुदान में भूमि प्रदान की जाती थी। वृहत भूमि के विक्रय से जो राशि प्राप्त होती उसे संघीय कार्यक्रम में व्यय किया जाता। संघीय कार्यक्रम में निम्न प्रकार के र्य महत्वपूर्ण है: -विकलांग लोगों के लिए व्यवस्था उत्पन्न करना।


-लड़कियों की शिक्षा।


-असमर्थ व्यक्तियों की सहायता।


बाद में सरकार द्वारा प्राप्त अनुदान में कार्यों की संख्या में वृद्धि हुई और संघीय सहायता एवं अनुदान का प्रसार व्यापक हुआ।


6 जन कल्याण (1929 उपरांत) युग 


1. समाज कल्याण के विषय में समस्याओं का सामना करते इसे राष्ट्रीय स्तर पर समझना अति आवश्यक था। यह तब संभव हुआ जब सरकारी एवं गैरसरकारी संगठनों ने समाज कल्याण कार्यक्रम में भाग लिया। 


2. समाज कल्याण करने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रदत्त सेवाएँ एवं केंद्र सरकार द्वारा अन्य समूहों को भी प्रेरित किया गया।


सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्था की भागीदारी 1930 तक कुछ पहलुओं में देखने को मिलती है। राष्ट्रीय स्तर के संगठनों का कार्यभार भी गैर सरकारी संस्था के नेतृत्व में था। ये संगठन निम्नलिखित थे -


1. 1876 की American Association on Mental Deficiency.


2. 1895 की National Society for the Study of Education. 


3. 1899 की National Consumers league


4. 1904 की National Child Labour Committee.


7. कार्यक्रम एवं क्रियान्वयन का युग


अमेरिका में सामाजिक समूह कार्य के क्षेत्र में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन जैसे मनोरंजन के क्षेत्र शिक्षा के क्षेत्र, स्वास्थ्य, धार्मिक आदि क्षेत्रों में किया गया। जिससे समूह कार्य को और प्रभावी बनाया जा सके। 

ये कार्यक्रम निम्नानुसार थे -


1. मनोरंजनात्मक एवं शिक्षात्मक कार्यक्रम -  इसके संदर्भ में प्रौढ़ शिक्षा एवं विद्यालयी शिक्षा को अधिक महत्व दिया गया। 1866 में इसी तारतम्य में पहले खेल मैदान का निर्माण किया गया जो बालक बालिकाओं के लिए उनके मनोरंजन एवं शिक्षा के क्षेत्र में सहायक हो सके। इसकी प्रभावशीलता को देखते हुए 1885 में राष्ट्रीय स्तर पर इसे प्रारंभ किया गया। आगे चलकर इन्हीं कार्यक्रमों के अंतर्गत खेल कूद व शारीरिक क्रियाओं को भी शामिल किया गया जिसमें कला संगीत अभिनय, नृत्य आदि थे।


2. शिक्षा के कार्यक्रम के अंतर्गत प्रौढ़ शिक्षा को अधिक महत्व प्रदान करने के लिए 1870 एवं 1880 के मध्य प्रौढ़ शिक्षा आंदोलन भी चलाया गया। इस आंदोलन का यह परिणाम निकला कि सार्वजनिक पुस्तकालयों एवं विश्वविद्यालयों में निःशुल्क प्रसार सेवाएँ प्रारंभ हुई।


3. व्यवहार परिवर्तन कार्यक्रम - युवकों के व्यवहार में परिवर्तन हेतु कई प्रकार के मनोरंजनात्मक कार्यक्रमों तथा शिक्षात्मक कार्यक्रमों को शामिल किया गया जिससे युवकों के चरित्र का निर्माण हो सके। इस आवश्यकता को ध्यान में रखते हेतु 1875 से 1895 के मध्य बड़े प्रोटेस्टेन्ट समुदाय ने अपना युवक कार्यक्रम संगठित किया। धार्मिक भावनाओं के विकास के साथसाथ चरित्र निर्माण एवं व्यवहार निर्माण के लिए भी ब्याज़ स्काउट, गर्ल्स स्काउट, कैम्फायर गर्ल्स आदि संगठनों का विकास हुआ। इस प्रकार की और अन्य संस्थाओं ने भी इस बात पर जोर दिया कि व्यक्ति का समुदाय तथा सामाजिक परिस्थितियों से संबंधहोता है जो कि उसके व्यवहार को प्रभावित करती है। अतः इन्हीं उद्देश्यों के साथ उपर्युक्त व्यवहार एवं चरित्र निर्माण कार्यक्रमों को संचालित किया जाता है। 


4. उपचार के क्षेत्र में मनोरंजनात्मक कार्यक्रम - किसी भी बीमारी के क्षेत्र में व्यक्ति का वातावरण प्रमुख भूमिका निभाता है। अत: इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए उपचार के क्षेत्र में मनोरंजन कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया। ये कार्यक्रम व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक तथा सांवेगिक व्याधियों से मुक्ति दिलाने या प्रभाव को कम करने का प्रयास करते हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से हृदय रोग, तनाव ग्रस्त बच्चे, मानसिक रोगी, बाल अपराधी आदि क्षेत्रों में मनोरंजन उपचार के साथ इसका प्रयोग किया जाता है। वर्तमान समय में इस क्रियाविधि का उपयोग अस्पतालों में मुख्य रूप से किया जाने लगा है। जिसमें अनेक गतिविधियों के माध्यम से व्यक्ति के सामूहिक संबंधोंको दृढ़ता प्रदान होती है। जिससे रोगों का निदान करने में आसानी होती है।


5. अन्य कार्यक्रम - समूह कार्य के क्षेत्र में ऐसे कई संगठन हैं, जिसके माध्यम से सामूहिक गतिविधियों को कराया जाता है। जैसे- राजनीतिक पार्टियाँ, औद्योगिक संस्थाएँ श्रमिक संघ इत्यादि। इन संगठनों का उद्देश्य मनोरंजनात्मक कार्यक्रमों द्वारा व्यक्तियों को अपनी रुचियों के अनुसार शिक्षा मनोवृत्ति तथा व्यवहार को नियंत्रित करने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन करना है। अतः इस प्रकार से समूह के कार्यक्रमों को देखा जा सकता है।


8 अमेरिका में समूह कार्य का व्यावसायिक रूप 


अमेरिका में सामूहिक कार्यकर्ताओं में व्यावसायिक चेतना जागृत करने के लिए 935 में समाज कार्य की राष्ट्रीय कांफ्रेंस में सामाजिक समूह कार्य को एक भाग के रूप में अलग से एक अनुभाग बनाया गया। सोशल वर्क ईयर बुक'' में भी समूह कार्य के लिए एक खंड प्रदान किया गया, जिसमें समूह कार्य के कई लेख प्रकाशित हुए। 1935 में ही समाज कार्य के राष्ट्रीय कांफ्रेंस में शिक्षा प्रक्रिया के रूप में समूह कार्य को परिभाषित किया गया। सन 1937 में ग्रेस क्वाइल ने समूह कार्य के संदर्भ में कहा कि सामाजिक समूह कार्य का उद्देश्य सामूहिक स्थितियों में व्यक्ति की पारस्परिक क्रिया द्वारा व्यक्तियों का विकास कर ऐसी सामूहिक स्थितियों को उत्पन्न करना जिससे सामान्य उद्देश्यों के लिए एकीकृत, सामूहिक क्रिया हो सके।  (Cogle Gravel Social Group Work, Social Work year Book] 1957 NASW)


अमेरिका में बनाए गए कुछ महत्वपूर्ण विधान एवं कार्य एक नज़र में 


1. सन 1911 ई0 में नेशनल फेडरेशन ऑफ सेटलमेंट की स्थापना समरूपता बनाए रखने के लिए की गई।


2. सन 1896 ई0 में प्रथम बाल क्लब की स्थापना की गई। 


3. सन 1906ई0 तक अनेक क्लबों का निर्माण हुआ और सलाह तथा सहयोग के लिए राष्ट्रीय संगठन बनाया गया।


4. सन 1910 में सर बेडेन पावेल द्वारा अमरीकी बाल स्काउट संघका संगठन किया गया। 


5. सन 1912 में लड़कियों के लिए समान संगठन जूलियट लॉ द्वारा बनाया गया, जिसका नाम बालिका गाइड रखा गया।


6. कैम्प फायर गर्ल्स का गठन सन् 1918 में डा0 लूथर गुलिक के नेतृत्व में हुआ। जिसका उद्देश्य पैदल सैर, खेल, गाना, मनोविनोद, प्रयोग शाला, विचार विमर्श, सांस्कृतिक तथा शैक्षिक क्रियाओं में भाग लेने के लिए अवसर प्रदान करना था। 


7. प्रथम विश्व युद्ध के समय वाई. एम.सी. ए. तथा साल्वेशन आर्मी को भी नियुक्त किया गया।


8. सन 1923 में क्लीवलैंड में समाजकार्य के स्कूल में प्रथम प्रशिक्षण कोर्स समूह अनुभव कार्य के नाम से प्रारंभ हुआ। 


9. सन 1926 में एक प्रयोगात्मक सेटलमेंट की नींव प्रशिक्षण के उद्देश्य से रखी गई। 


10. सन 1930 तक सामूहिक कार्य विकास के लिए अनेक कदम उठाए गए तथा संबंधित संगठनों का विकास हुआ।


11. पिट्सबर्ग में 4 व 5 नवम्बर 1933 ई0 को विभिन्न संस्थाओं के समूह नेताओं की एक बैठक हुई। यह अपने प्रकार की प्रथम बैठक हुई, जिसमें विभिन्न प्रकार की समितियों का निर्माण हुआ, जैसे अनुसंधान समिति, प्रशिक्षण समिति, स्तर निर्धारण समिति इत्यादि।


12. सन 1935 राष्ट्रीय समाज कार्य कांफ्रेंस का आयोजन। 


13. सन 1936 में अमेरिकन एसोसिएशन फार द स्टडी आफ द ग्रुप वर्क का गठन, जिसको आज अमेरिकन एसोसिएशन आफ ग्रुप वर्क्स के नाम से जानते हैं। 


सन 1935 ई0 में प्रथम बार समूह कार्य अनुभव जो कि नेशनल कांफ्रेंस आफ सोशल वर्क था, अलग संगठित हुआ। इसने सामूहिक कार्य के विकास में बहुत योगदान दिया और समाज कार्य के लिए सामूहिक कार्य को एक आवश्यक प्रणाली बताया। उसके पश्चात् अमेरिकन एसोसिएशन फार द स्टडी आफ ग्रुप वर्क को संगठित किया गया। इसके लगभग वे ही सदस्य थे जो कि नेशनल कांफ्ररेंस ऑफ सोशल वर्क में थे। सन् 1936 में जो अमेरिकन एसोसिएशन फार द स्टडी आफ ग्रुप वर्क बना था वह व्यावसायिक ढाँचे पर आधारित नहीं था। इसमें ऐच्छिक तथा व्यवसायी दोनों प्रकार के कार्यकर्ता थे। प्रारंभिक अवस्था में यह समस्या बनी रही कि सामूहिक कार्यकर्ता समाज कार्य संगठन में सम्मिलित हो या शिक्षा संगठन में। आगे चलकर देश की परिस्थितियों ने सामूहिक कार्य के महत्व को बढ़ा दिया और इसकी गणना व्यावसायिक स्तर पर की जाने लगी। सन् 1946 में सामूहिक कार्यकर्ताओं का अलग संगठन बना और उसका नाम अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ ग्रुप वर्क्स रखा गया। उपर्युक्त महत्वपूर्णविधानों एवं व्यक्तियों के प्रयत्नों के कारण सन् 1950 तक 21 विश्वविद्यालयों में सामूहिक कार्य अध्ययन प्रारंभ हो गया।