समूह के लिए कार्यक्रम का महत्व - The Importance of the Program to the Group
समूह के लिए कार्यक्रम का महत्व - The Importance of the Program to the Group
समूह के लिए कार्यक्रम का महत्व
किसी भी सामाजिक समूह कार्य प्रक्रिया में कार्यक्रम का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान होता है, क्योंकि कार्यक्रम के माध्यम से ही संपूर्ण कार्य की प्रकृति निर्भर करती है और कार्य को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा सकता है। और कार्य को इस संपूर्ण प्रक्रिया में कार्यक्रम माध्यमों का ही विशेष प्रभाव होता है, जिसके माध्यम से ही समूह सदस्य मनोरंजनात्मक क्रियाओं को संचालित कर आनंद महसूस करते हैं इन कार्यक्रमों द्वारा ही संवेगों की अभिव्यक्ति होती है और शारीरिक एवं मानसिक विकास संभव होता है।
इस प्रकार की अंतक्रिया के कारण ही सदस्य एक दूसरे के पास आते हैं और एक-दूसरे के विषय में अधिक जानकारी प्राप्त करते हैं। जिससे प्रेम, सौहार्द, भिन्नताएं तथा उग्रताएं आदि मनोभावों को व्यक्त करने का अवसर प्रत्येक सदस्य को प्राप्त होता है। समूह में कई बार प्रारंभ से ही संघर्ष कि स्थिति नजर आती है इस समय यह प्रक्रिया फलदायी साबित होती है। कार्यक्रम ही एक ऐसा माध्यम से, जिनके कारण सदस्य एक साथ एकत्रित होते है और एक-दूसरे को समझने का प्रयास करते हैं
व्यक्ति के जीवन में कार्यक्रम का महत्व
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और वह संपूर्ण सांसारिक जीवन समूह में रहकर हीव्यतीत करता है। अत: इसी आवश्यकता के कारण वह हमेशा ही किसी-न-किसी समूह का सदस्य अवश्य होता है। समूह के कार्यक्रमों का अपना एक विशिष्ट महत्व होता है कई बार व्यक्ति जिन भावनाओं की अभिव्यक्ति अकेले होने के कारण नहीं कर पाता वह समूह कार्यक्रम के माध्यम से करने का प्रयास करता है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से व्यक्ति के जीवन में आंतरिक संघर्ष में कमी आती है और वह सांवेगिक तनाव भी कम करता है। कार्यक्रम के जीवन में महत्व को निम्न बिंदुओं के माध्य से समझा जा सकता है:
• शारीरिक विकास में सहायक समूह - कार्यक्रम के माध्यम से बालक/ सदस्य समूह में भाग लेता हैं जिससे उसका शारीरिक विकास स्वतः ही होता रहता है। खेलों के माध्यम से सदस्य का शारीरिक विकास होता है।
• नियंत्रण प्राप्त करने में सहायक - कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों / सदस्य की शारीरिक क्रियाओं पर नियंत्रण किया जाता है।
• बौद्धिक योग्यता का विकास - कार्यक्रम के माध्यम से व्यक्ति का बौद्धिक विकास होता है इसके द्वारा बौद्धिक शक्तियों का विकास किया जाता है।
• ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा की जागृति - जब व्यक्ति समूह में रहता है तो वह दूसरों की तरह बनने का प्रयास करता है। उसे इस बात की आवश्यकता महसूस होती है कि वह भी अन्य व्यक्तियों की भांति ज्ञानी एवं कुशलताओं से परिपूर्ण हो। इसके लिए वह हमेशा ही प्रयत्शील होता है।
• सांवेगिक तनाव से छुटकारा - व्यक्ति के जीवन में अत्यधिक सांवेगिक तनाव होते है, जिनके आधार पर वह हमेशा ही दुःखी एवं निराश होता है। समूह कार्यक्रम के माध्य से वह लोगों के साथ उठता-बैठता है, हंसी-मजाक करता है तो उसके सांवेगिक तनाव से छुटकारा प्राप्त करता है।
• इच्छा पूर्ति के अवसर - कई बार जिन इच्छाओं को व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में प्राप्त नहीं कर पाता, जैसे नेता बनने की इच्छा, वक्ता बनने की इच्छा इत्यादि कार्यक्रम के माध्यम से व्यक्ति की आवश्यकताओं की भी पूर्ति हो जाती है।
• व्यक्तित्व विकास में सहायक कार्यक्रम के माध्यम से व्यक्ति को ऐसे अनुभव प्राप्त होते है जो उसको सामान्य जीवन में कभी प्राप्त नहीं हो पाते। अतः ऐसे में व्यक्ति का व्यक्तिव विकास संभव हो पाता है।
• प्रेम प्रदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से व्यक्तित्व के प्रेम का प्रदर्शन हो जाता है कि वह क्या पसंद करता है।
• सामूहिक एकीकरण - सामूहिक एकीकरण के माध्यम से व्यक्ति उन भावनाओं एवं कार्यों को त्यागने का प्रयत्न करता है जो कि अन्य सदस्य एवं समाज द्वारा स्वीकृत नहीं होती। समाज एवं सदस्यों के अनुरूप अपने आपको ढालने का प्रयास करता है, जिससे उसमें सामूहीकरण की भावना का विकास होता है।
• मनोबल की उच्चता कार्यक्रम के माध्यम से सदस्यों को अनेक पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जाता है, जिससे उसके मनोबल में वृद्धि होती है।
• स्वीकृति प्राप्त करना तथा स्वीकृति प्रदान कराना सदस्य जब समूह कार्यक्रम में भाग लेता है तो वह समूह स्वीकृति लेना और देना दोनों सीखता है।
• कष्ट के समय बचाव कई बार जब व्यक्ति को कष्टों का सामना करना पड़ता है तो अकेले में वह निराश हो जाता है तथा अनेक समस्याओं से घिर जाता है। अत कार्यक्रम के माध्यम से वह समूह सदस्यों के सहयोग से अपने कष्ट को कम कर सकता है।
• भावनाओं का स्फ्टीकरण- मनुष्य एक तार्किक प्राणी है। उसमें ज्ञान का भण्डार है तथा कार्य करने की इच्छा व अनिच्छा होती है। इच्छाएँ या भावनाएँ व्यक्ति की प्रकृति व स्वभाव एक अंग है तथा व्यक्तित्व विकास के लिए इनका स्वस्थ विकास होना आवश्यक होता है।
कार्यक्रम के माध्यम से सहायता के आधुनिक व्यवसाय में एक सुनिश्चित भावनात्मक जीवन की महत्ता को प्रमुख रूप में मान्यता प्रदान की जाती है।
• नेतृत्व के गुणों का विकास कार्यक्रम के माध्यम से समूह सदस्यों व्यक्तियों में नेतृत्व के गुणों का विकास किया जाता है।
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