जीवन कौशल का भारतीय परिदृश्य - Indian Art of Life
जीवन कौशल का भारतीय परिदृश्य - Indian Art of Life
जीवन कौशल का भारतीय परिदृश्यजीवन कौशल के क्षेत्र में स्कूल सामाजिक कार्यकर्ता को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा | जिनका उद्देश्य अनेक संघों और पत्रिकाओं का निर्माण कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके महत्व से अवगत होना हैं। जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा और शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक बाधाओं को दूरकर एकजुट लाने का प्रयास किया जाता है। ग्रामीण भारतीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम को निम्न बिंदुओं के माध्य से समझा जा सकता है:
● समाज के संबंध में शिक्षा ग्रहण करना
● परिवार पर ध्यान केंद्रित करना
● प्रजनन स्वास्थ्य और संबंधित सूचना
● पर्यावरण
● तत्कालीन प्रवृत्तियाँ सामाजिक और आर्थिक वास्तविकताओं में परिवर्तन
● अन्य से संबंधित
● स्व या आत्म विकास
जीवन कौशल के अध्ययन की तकनीकें
उपयुक्त तथ्यों से स्पष्ट होता है कि जीवन कौशल विभिन्न पक्ष एवं पहलुओं में कार्य करता है जैसे व्यक्ति के अंतर्वैयक्तिक संबंध के पक्ष में व्यक्ति के अधिकारों और उसकी जिम्मेदारियों को समझने के पक्ष में, व्यक्ति का अच्छा स्वास्थ्य बनाने के पक्ष में, मानसिक स्वास्थ्य के पक्ष में, एच आई वी एड्स, एसटीडी की रोकथाम, जैसे के पक्ष में, मादक द्रव्य दुरूपयोग की रोकथाम, व्यक्ति में आत्मविश्वास जागृत करने के पक्ष में, आत्महत्याओं की रोकथाम करने के पक्ष में साथ ही साथ जीवन कौशल के अंतर्गत शांति स्थापित करने में योगदान के प्रयास इत्यादि का अध्ययन शामिल किया जाता है। इन कार्यक्रम को कार्यकर्ता निम्नलिखित तकनीकों एवं विभिन्न प्रणालियों के माध्यम से कार्य करता है
● कार्यकर्ता द्वारा सदस्यों को अनेक प्रकार के कठोर प्रशिक्षण प्रदान कराए जाते हैं।
● कार्यकर्ता छोटे-छोटे समूहों के साथ कार्य करना प्रारंभ करता है।
● विचारों में उथल-पुथल लाकर कार्य को अंजाम देता है।
● कार्यकर्ता द्वारा नुक्कड़ नाटक तकनीक का प्रयोग विभिन्न कार्यों में किया जाता है।
● प्रयोग मूलक शिक्षा तकनीक का प्रयोग किया जाता है।
● खेल-कूद एवं विचार विमर्श जैसी तकनीकों का प्रयोग किया जाता है।
● संप्रेषण की तकनीक का उपयोग किया जाता है।
● आक्रोश और निवेदन के बीच संतुलन बनाने की क्षमता एवं तकनीक का उपयोग किया जाता है
● न्याय संगत निर्णय लेने की तकनीक का विकास किया जाता है।
अत: इस प्रकार जीवन कौशल के क्षेत्र में विभिन्न तकनीकों का उपयोग कर व्यक्ति को सशक्त बनाने का प्रयास किया जाता है। जीवन कौशल शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य ही समूह सदस्यों में उन अभिवृत्तियों को विकसित करना है जिनसे वे उनके जीवन में आने वाली चुनौतियों का डटकर सामना करने योग्य बन जाए। इन आधारों पर कहा जा सकता है कि जीवन कौशल शिक्षा के माध्यम से समूह सदस्यों में स्वस्थ सामाजिक संबंधों को बढ़ाने सकारात्मक कार्यों में भाग लेने तथा सदस्यों में आत्मविश्वास पैदा करने की योग्यता का विकास किया जाता है।
वार्तालाप में शामिल हों