फ्रांसीसी क्रांति की प्रमुख घटनाएँ - Major Events of the French Revolution

फ्रांसीसी क्रांति की प्रमुख घटनाएँ - Major Events of the French Revolution

फ्रांसीसी क्रांति अचानक घटने वाली कोई घटना नहीं है। इसकी शुरूवात कई दशकों पहले ही हो गयी थी। कई छोटी-छोटी घटनाओं ने मिलकर 14 जुलाई, 1789 में होने वाली फ्रांसीसी क्रांति को जन्म दिया। जिनमें प्रमुख फ्रांसीसी घटनाएँ निम्नलिखित है।


1. राष्ट्रीय सभा का निर्माण इस्टेट जनरल फ्रांस में नागरिकों की एक प्रतिनिधि संस्था थी। जिसमें तीनों सम्पत्ति समूहों के लोगो को प्रतिनिधित्व प्राप्त था। 1789 में इस्टेट जनरल ने सदस्यों की कुल संख्या 1200 थी, जिसमें 600 से अधिक तृतीय सम्पत्ति समूह के सदस्य थे। इस्टेट जनरल की 1789 की बैठक में यह तय किया गया कि तीनो वर्गों की पृथक-पृथक बैठक करके फ्रांस की समस्या पर विचार किया जायेगा। लेकिन तृतीय सम्पत्ति समूह (वर्ग) इसके लिए तैयार नहीं था। उनका मानना था कि अगर पृथक-पृथक बैठक होगी तो राष्ट्रीय सभा में उनकी दोगुनी संख्या का कोई अर्थ नही रह जायेगा। और वें सदन में कमजोर हो जायेगें। तृतीय वर्ग को बाद में कुछ पादरी प्रतिनिधित्वों का भी समर्थन मिलने लगता है। जून 1789 में तृतीय वर्ग ने अन्य वर्गों को एक साथ बैठक करने का आमंत्रण दिया। लेकिन दोनो वर्गों के प्रतिनिधियों के सभा में ना आने पर अपने आप को एक मात्र प्रतिनिधि सदन के रूप में घोषित कर दिया और अपना नाम बदलकर राष्ट्रीय सभा कर दिया। जनता की जागरूकता और इच्छा के सामने लुई 16वॉ को छुकना पड़ा तथा उसने से तृतीय सदन को ही राष्ट्रीय सभा के रूप में मान्यता दे दी। इस तरह से तृतीय वर्ग द्वारा राष्ट्रीय सभा की घोषणा फ्रांस की क्रांति का मार्ग प्रशस्त करती है।


2. टेनिस कोर्ट की सपथ तीसरे सम्पत्ति समूह द्वारा राष्ट्रीय सभा की घोषणा राजतंत्र के लिए एक सीधी चुनौती थी। 20 जून 1789 को जब तीसरे वर्ग के सदस्य सभा भवन में जाने लगें तो सैनिकों ने उन्हें रोक दिया तो तृतीय वर्ग के सदस्यों ने बेली को अपना सभापति चुनकर टेनिस कोर्ट के भवन में बैठक की। जिसमें फ्रांस के लिए एक नया संविधान बनाने का शपथ लिया गया। टेनिस कोर्ट का यह संकल्प फ्रांस की क्रांति का वास्तविक आरंभ था।


3. वेस्टाइल पर आक्रमण- जब फ्रांस की जनता को लगने लगा कि राजा से उनकी आशा का केन्द्र बन चुके राष्ट्रीय सभा को संकट है तो वें अपने षड़यंत्र का केन्द्र बन चुके वेस्टाइल कारागार पर 14 जुलाई 1789 को आक्रमण कर दिया और कारागार सुरक्षा में लगे सैनिकों की हत्या करके उसपर अधिकार कर लिया और बहुत से कैदियो को रिहा कर दिया। इस तरह वेस्टाइल कारागार के पतन के साथ राजा की निरंकुशता का भी अंत हो गया। कारागार के पतन की यह घटना फ्रांसीसी समाज ही नहीं अपितु पूरी विश्व को प्रभावित किया।


4. राष्ट्रीय संविधान सभा की घोषणाएँ- कुलीन और पादरी वर्ग के कुछ लोगो को भी सदस्यता देकर राष्ट्रीय सभा का नाम बदलकर राष्ट्रीय संविधान सभा कर दिया गया। जिसका प्रमुख उद्देश्य सविधान का निर्माण था। राष्ट्रीय संविधान सभा ने सर्वप्रथम सामन्ती विशेषाधिकारों को समाप्त कर के फ्रांस के नागरिकों के लिए मानव अधिकारों की घोषणा की। जिसके अर्न्तगत मनुष्य की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, धार्मिक स्वतंत्रता आदि को सम्मिलित किया गया। साथ ही साथ जनता को सम्प्रभु माना गया और जनता को मत देकर प्रशासक चुनने का अधिकार दिया गया।


संविधान सभा का प्रमुख उद्देश्य सविधान का निर्माण था। जिसका प्रारम्भ 1789 से हुआ। इसके अर्न्तगत कार्यपालिका, विधायिका, तथा न्यायपालिका का निर्माण तथा उनकी शक्तिओं का पृथक्करण किया गया। सविंधान को स्वीकार करके निरंकुश राजतंत्र का अंत किया गया। राष्ट्रीय कन्वेशन ने राजा लुई 16वाँ को देशद्रोही घोषित कर दिया। तथा 21 जनवरी 1793 को राजा को मृत्युदंड दे दिया गया।