नेतृत्व का अर्थ - Meaning of Leadership
नेतृत्व का अर्थ - Meaning of Leadership
नेतृत्व का अर्थ
अनेक विद्वानों के द्वारा नेतृत्व को अनेक प्रकार से स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है। कई बार लोग इसका तात्पर्य प्रसिद्ध से भी समझते हैं। प्रजातंत्र में नेतृत्व के संदर्भ में यह भी कहा जाता है कि जो लोग अपनी सुरक्षा व इच्छा से अन्य दूसरे व्यक्तियों के आदेशों का पालन कर रहे हो वह नेतृत्व कहलाता है।
कुछ लोगों का मानना है कि यदि कोई व्यक्ति शक्ति के आधार पर दूसरों से अपने अनुसार व्यवहार करवा लेते लेने की क्षमता रखते हो तो उससे भी नेतृत्व के अंतर्गत सम्मिलित किया जाता है इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि जो व्यक्ति दूसरों के व्यवहार से प्रभावित ना होकर अपने व्यवहार से दूसरों को अधिक प्रभावित करता है भले ही यह कार्य दबाव द्वारा क्यों न किया गया हो इसे ही नेतृत्व के अंतर्गत रखा जाता है अनेक विद्वानों ने नेतृत्व को निम्न प्रकार से परिभाषित किया है।
पिंजर (Pingor) के अनुसार
पिंजर ने नेतृत्व को परिभाषित करते हुए कहा है कि "नेतृत्व व्यक्ति और पर्यावरण के संबंध को स्पष्ट रखने वाली एक धारणा है यह उस स्थिति का वर्णन करती है जिसमें एक व्यक्ति ने एक विशेष पर्यावरण में इस प्रकार स्थान ग्रहण कर लिया हो कि उसकी इच्छा भावना और अंतर्दृष्टि की से सामान्य लक्ष्य को पाने के लिए दूसरे व्यक्तियों को निर्देशित करती है तथा उन पर नियंत्रण रखती है।"
लेपियर और फर्न्स्वार्थ (Lapiere and Farnisworth) के अनुसार
“नेतृत्व व्यवहार है, जो दूसरों के व्यवहार को उससे अधिक प्रभावित करता है जितना कि दूसरे व्यक्तियों के व्यवहार नेता को प्रभावित करते हैं।”
सीमेन तथा मौरिस (Seemen and Morris) ने नेतृत्व को परिभाषित करते हुए कहा कि “नेतृत्व व्यक्तियों द्वारा दी जाने वाली इन क्रियाओं में से है जो दूसरे व्यक्तियों को एक विशेष दिशा में प्रभावित करती हो।
किंवाल यंग ने नेतृत्व के संदर्भ में कहा कि
“नेतृत्व की विवेचना प्रभुत्व के रूप में की जानी चाहिए।”
अतः उपर्युक्त परिभाषा ओं के आधार पर यह कहा जा सकता है कि नेतृत्व व्यक्ति का एक ऐसा गुण है जिससे दूसरा व्यक्ति किसी न किसी रूप में प्रभावित होता है और उसका अनुसरण करने लगता है।
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