संगठन एवं समाजिक कार्यकर्ता की भूमिका - Organization and Role of Social Worker

संगठन एवं समाजिक कार्यकर्ता की भूमिका - Organization and Role of Social Worker

संगठन एवं समाजिक कार्यकर्ता की भूमिका

स्कूल समाज कार्यकर्ता के माध्यम से छात्रों को शैक्षणिक सफलता प्राप्त करने में मदद की जाती है। कार्यकर्ता द्वारा स्कूल, घर, और समुदाय के बीच एक कड़ी का कार्य किया जाता है। स्कूल कार्यकर्ता द्वारा स्कूल प्रशासन के साथ-साथ विद्यार्थियों और उनके परिवारों के साथ सीधे काम किया जाता है, स्कूल की अनुशासन नीतियों, मानसिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप संकट प्रबंधन और सहायता सेवाओं के गठन में नेतृत्व प्रदान करते हैं। इसके अतिरिक्त कुछ अन्य संगठनों के माध्यम से शिविरों का आयोजन कर स्कूल समाज कार्य किया जाता है।


शिविर एवं संगठन पिछड़ी और अव्यवस्थित अस्थाई जगह पर कुछ समय के लिए आवास शिविर की स्थापना करना अत्यंत ही महत्वपूर्ण होता है। शिविर लगाने का उद्देश्य लोगों को घर से बाहर जाने का अवसर प्रदान करना और मनोरंजात्मक उद्देश्य के लिए प्राकृतिक पर्यावरण का आनंद उठाना है। अनेक संगठन शिविर युवाओं को विभिन्न कौशल प्रदान करने के लिए लगाए जाते है। अमेरिकन कैम्पिंग एसोसिएशन के अनुसार शिविर लगाने के निम्नलिखित लाभ हैं:-


• सामाजिक कौशल विकास


• नेतृत्व


• संचार


• भागीदारी


• आत्मसम्मान और चरित्र निर्माण करना


• उत्तरदायित्व


• साधन संपन्न होना


• लचीलापन


• सामुदायिक जीवन / सेवा कौशल


• कोचिंग


• निष्पक्षता


• नागरिकता


• निष्ठावान


भारत में बच्चों और युवा लोगों के लिए बहुत सारे शिविरों का आयोजन अनेके उद्देश्यों के लिए किया जाता है। जैसे- राष्ट्रीय समाज सेवा, नेशनल कैडेट फोरम और अन्य निजी शिविर का भी आयोजन किया जाता है।


1. बच्चों और कार्यकर्ता के बीच अभिनय एक प्राकृतिक गतिविधि कार्यकलाप है।


2. खेल के माध्यम से बच्चे और कार्यकर्ता चुस्त दुरुस्त रहते है। खेल और अभिनय विद्यालय के अंदर मैत्रीपूर्ण वातावरण तैयार करता है।


3. गीत, नृत्य और अभ्यास युवा लोगों के लिए संभावित कार्यकलाप


अभिनय खेलना: मानसिक स्वास्थ्य सुधार के लिए गीत, नृत्य और अभ्यास बहुत ही जरूरी है और व्यायाम विद्यार्थियों में संयोजन विकसित करता है। मनोनाट्य एक ऐसा साधन है जो बच्चों और किशोरों के लिए उपचार को अत्यधिक विकसित करता है। नाटक भागीदारों और समीक्षकों को शिक्षण अनुभव उपलब्ध करने में सहायता करता है। 


सामाजिक कार्यकर्ता की भूमिका


स्कूल सामाजिक कार्य के विशेषज्ञों द्वारा 1989 में प्रकाशित एक सर्वेक्षण में मुख्य रूप से पांच प्रकार के कार्यों को बताया है:-


• बच्चों और परिवारों के साथ रिश्ते और सेवाएं।


• शिक्षकों और स्कूल के कर्मचारी के साथ रिश्ते और सेवाएं। प्रशासनिक और व्यावसायिक कार्ये। .


• अन्य स्कूल कर्मियों को सेवा।


• सामुदायिक सेवाएं।


इसके अतिरिक्त अन्य प्रकार से कार्यकर्ता अपनी भूमिका अदा करता सेवाओं के माध्यम से है:


कार्यकर्ता द्वारा स्कूल में बच्चे के समायोजन को प्रभावित करने वाले कारकों के साथ कार्य किया जाता है जिससे वे समाज में समायोजन स्थापित कर पाए। इस हेतु कार्यकर्ता द्वारा घर, स्कूल और समुदाय तीनों . के साथ कार्य किया जाता है। अन्य आवश्यकता ग्रस्त बच्चों के साथ उसके विकास हेतु कार्य करता है। परामर्शदाता के रूप में समूह व्यक्तिगत और परिवार के साथ कार्य करता है। . .


बच्चे को सक्षम बनाने हेतु शैक्षिक कार्यक्रम के माध्यम से परिवार, स्कूल और समुदाय के माध्यम से उचित संसाधनों को जुटाने का प्रयास करता है। सकारात्मक व्यवहार हस्तक्षेप रणनीतियों को विकसित करने में सहायता करता है।


विद्यार्थियों के साथ कार्य .


• संकटकालीन हस्तक्षेप प्रदान कर


• हस्तक्षेप रणनीतियों का विकास शैक्षिक सफलता बढ़ाने के लिए।


• संघर्ष के समाधान और क्रोध प्रबंधन के साथ विद्यार्थी की सहायता करना।


• बच्चे को उचित सामाजिक बातचीत कौशल विकसित करने में मदद करना।


• परिवार के साथ कार्य एवं सेवाएं


• स्कूल में बच्चे के समायोजन हेतू माता-पिता के साथ काम करना ।


• परिवार के तनाव को समाप्त करना और उन्हें स्कूल की समस्त गतिविधियों में भाग लेने हेतु प्रेरित करना। स्कूल और सामुदायिक संसाधनों के उपयोग में माता-पिता की सहायता करना। .


• अन्य स्कूल कर्मियों को सेवा जानकारी


• स्कूल कर्मियों को सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक, पारिवारिक, स्वास्थ्य इत्यादि आवश्यक को उपलब्ध कराना।


• मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के सार्थविद्यार्थियों का आकलन करना।


• विकासशील स्टाफ सेवाकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम को विकसित करना जिससे कर्मियों को उचित प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके।


• व्यवहार प्रबंधन के साथ शिक्षकों की सहायता करना।


• स्टाफ के लिए प्रत्यक्ष समर्थन प्रदान करना।


• अन्य प्रकार की सेवाओं हेतु कार्य : आवश्यकताग्रस्त एवं असाधारण बच्चों के विकास हेतु शैक्षिक कार्यक्रमों को लागू करने में सहायता करना।


• ड्रॉप-आउट (शाला त्यागी) एवं अपराधियों बच्चों हेतु वैकल्पिक कार्यक्रमों का विकास करना।


• बाल उत्पीड़न की पहचान करना उचित कार्यवाही प्रस्तुत करना। 


• समस्त स्कूल नीति नियमों एवं सरकारी प्रयासों और योजनाओं की व्यख्या प्रस्तुत करना। .


• विद्यार्थियों और परिवारों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संसाधनों का प्रबंधन करना ।