सामाजिक समूह कार्य का शिक्षात्मक विकास क्रम - Pedagogical Development Order of Social Group Work

सामाजिक समूह कार्य का शिक्षात्मक विकास क्रम - Pedagogical Development Order of Social Group Work


समूह कार्य के शिक्षात्मक विकास के क्षेत्र में सर्वप्रथम पहला पाठ्यक्रम क्लेवलैक वेल्टर्न रिजर्व विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ सोशल वर्क में क्लेश केसर द्वारा प्रस्तुत किया गया। जब क्लेश केसर पहली बार 1935 में न्यूयॉर्क गई तो क्रेश कोली ने पाठ्यक्रम को और आगे विस्तारित किया। समूह कार्य को पद्धति और क्षेत्र अभ्यास के रूप में पेश किया जाता था। इससे समूह कार्य को आगे बढ़ाते हुए लगभग 10 विश्वविद्यालयों ने 1937 तक विशेष पाठ्यक्रम प्रदान किया। 1930 के दशक के आरंभ में उस समूह कार्य को अधिक पहचान मिली जब समूह कार्यकर्ताओं का 10-15 लोगों का एक लघु समूह वर्ग न्यूयॉर्क में मिला। इस समूह ने NCSW में समस्त समूह कार्यकर्ताओं को प्रतिस्थापित किया। इसके बाद 1936 में समूह कार्य के अध्ययन हेतु अमेरिकन एसोसिएशन की स्थापना की गई, जिसका उद्देश्य समूह कार्य के अभ्यास और सिद्धांत में सुधार करना था जिससे कि धर्म के प्रचार प्रसार को आगे बढ़ाया जा सके। 

1936 में समूहकार्य के क्षेत्र में एक विशिष्ट उपलब्धि तब प्राप्त हुई जब समूह कार्य को राष्ट्रीय समाज कार्य सम्मेलन के प्रभाव के कारण समूह कार्य को एक विशिष्ट विषय के रूप में माना जाने लगा। इसके बाद 1940 तक समूह कार्य और मजबूत हो गया और इनके माध्यम से मनोरंजन, प्रौढ़, शिक्षा आदि कार्यक्रम संचालित होने लगे। 1955 में सामूहिक कार्यकर्ताओं द्वारा राष्ट्रीय समाज कार्यकर्ता एसोसिएसन (NCSW) बनाने के लिए अन्य व्यावसायिक समूह के साथ कार्य करना प्रारंभ कर दिया। द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात अनेक समस्याएँ समाज के सामने उत्पन्न हो गई। इन उत्पन्न समस्याओं के समाधान के लिए भी सामूहिक कार्यकर्ताओं ने अपनी महती भूमिका अदा की। 1940-1950 के दशक तक इन्होंने सेवा निवृत्त सैनिकों और युद्ध से प्रभावित व्यक्तियों की सहायता करने का प्रयास किया। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद समूहकार्य के क्षेत्र में साहित्य लिखने वालों की संख्या में अत्यंत वृद्धिहुई और अनेक विद्वानों ने समूहकार्य के संदर्भ में अनेक पुस्तकों का प्रकाशन दो वर्ष के अंदर ही कर दिया। 

ये पुस्तकें निम्न थी:


"सोयायटी ऑफ ग्रुप वर्क प्रैक्टिस' (1949), हलैट बी ट्रैकर्स की "सोशियल ग्रुपवर्क' (1949), ग्रस कोली की “ग्रुप वर्क विद अमेरिकन यूथ" (1949) और जिस्ला कोनाप्का की “थ्रेपटिक ग्रुप वर्क विथ चिल्ड्रन (1949) प्रमुख है।


इन सभी पुस्तकों का मुख्य उद्देश्य समाजकार्य में समूहकार्य को एक सहायक प्रणाली के रूप में स्पष्ट किया। किंतु 1960 के दशक में समूह कार्य के क्षेत्र में कमी को देखा गया। और सामुदायिक संगठन को अधिक महत्ता प्रदान की गई। यह क्रम आगे बढ़ता गया और इसे 1970 के दशक में महसूस किया गया। लेकिन 1978 तक आते-आते इसने पुनः अपना स्थान प्राप्त कर लिया और 1978 में समूह कार्यकर्ताओं ने एक वार्षिक सम्मेलन का आयोजन किया जिसे मुख्य रूप से समूह कार्य को आरंभ करने वाली ग्रेस कोली के सम्मान में रखा गया था। (नॉर्दन कुलेड 2001) सम्मेलन योजना समिति सदस्यता अभियान संगठन The association advancement of social work with group में रूपान्तरित हो गया। (SWG, 2006) 

समूह कार्य को कैसे आगे बढ़ाया जाए? इस संबंध में जागरूकता लाने और वृद्धि करने के लिए संपूर्ण USA और Comasa में संगठित होकर प्रयास किया 1979 में समूह कार्य के क्षेत्र में सामूहिक विकास हेतु सर्वप्रथम विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया। तब से लेकर आज तक हर साल व्यवसाय साधन के रूप में समूह कार्य पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। के रूप चीन में भी समाज कार्य को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2006 में सामाजिक नीति प्रयासों की एक श्रृंखला प्रारंभ की जो समाज कार्य के क्षेत्र में अत्यंत ही सार्थकता प्रदान करती है। धीरे-धीरे समाज कार्य के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त की।


अतः इस प्रकार से समूह कार्य के विकास क्रम को शिक्षा एवं व्यवसायिकता के क्षेत्र में जोड़कर देखा जा सकता है। समूह कार्य शिक्षा के क्षेत्र में निम्नलिखित पुस्तकों का भी प्रकाशन हुआ है, जिससे समूह कार्य को और अधिक स्पष्ट रूप से समझा जा सके:


1. 1990 में मोरगैनेट द्वारा युवा किशोरों में लिए पुस्तक का प्रकाशन किया। 


2. 2008 में राबर्ट सलमान द्वारा एन साइक्लोपीडिया ऑफ सोशल ग्रुप वर्क विद ग्रुप्स1 का प्रकाशन किया गया।


3. 2007 में ग्राविन, चार्ल्स डी, लॉरी एम गुलियर द्वारा ए हैंड बुक ऑफ सोशल वर्क विद ग्रुप्स का प्रकाशन किया गया। 


4. 2005 में मार्क डोयल द्वारा यूजिंग ग्रुप वर्क का लेखन किया गया


5. 2003 में डोयल, मार्क व सवडा, कैथरिन द्वारा द एसेंसिएल्स ऑफ ग्रुप वर्कर का लेखन किया गया।


6. 2001 में रोनाल्ड टोसलैंड व राबर्ड रिवास द्वारा एन इंट्रोडक्शन टू ग्रुप वर्क प्रैक्टिस का प्रकाशन किया गया। 


7. 2001 अलीसी एलबर्ट एस द्वारा सोशल वर्क विथ ग्रुप वर्क प्रैक्टिस का प्रकाशन किया गया।


8. 2000 में हेलन नार्दन व रोसली करलैंड द्वारा सोशल वर्क विथ ग्रुप वर्क का लेखन कार्य किया गया। 


9. 997 में नोरको ए तथा वलैस आर ने समाज कार्य समूह में लिंग आधारित विषयों पर प्रकाश डाला। 


10. 1996 में हर्लेट ने युवा अवस्था से अधिक उम्र के व्यक्तियों हेतु उपचारी समूह कार्य पर विशेष बल दिया।


11. 1995 में टोसलैंड द्वारा लिखित पुस्तक को बड़ों और परिवार की देखभाल कार्यकर्ता के लिए प्रकाशित किया।


12. 1994 में ब्राउन ए तथा मिस्ट्री टी ने जाति और लिंग आधारित विषयों पर प्रकाश डालते हुए मिश्रित समूहवाले समाज कार्य पर अपना ध्यान आकर्षित किया।


13. 1994 में काक्स व पार्सन्स ने वृध्दों को सशक्त बनाने वाले समूह कार्य पर अपने सिध्दांत प्रस्तुत किए।


14. 1994 में ही ब्रेटन ने सोशल वर्क विद ग्रुप में एम्पावरमेंट ओरिएंटिड ग्रुप वर्क की संकल्पना की


15. 1993 में कैरेल एस ने बच्चों के लिए समूह अनुभवों के बारे में पुस्तक का प्रकाशन किया। 


16. 1992 में पहरूजी ने सोशल वर्क विद ग्रुप पुस्तक के माध्यम से समूह कार्य के आदर्श प्रस्तुत किए।


17. 1991 में रोज एस व एडिल्सन ने भी बच्चों और किशोरों के लिए विशिष्ट समूह कार्य अभ्यास पर पुस्तक का लेखन किया।


18. 1990 में मोरगैनेट द्वारा युवा किशोरों के लिए जीवन निपुणता और समूह परामर्श पर एक पुस्तक लिखी।


19. 1990 में ही ग्लासमैन यू तथा केट्स एल द्वारा समूह कार्य में मानवीय विचारधारा पर लेखन कार्य किया।