औद्योगिक क्रांति का राजनीतिक प्रभाव - Political Impact of Industrial Revolution

औद्योगिक क्रांति का राजनीतिक प्रभाव - Political Impact of Industrial Revolution

1. साम्राज्यवाद का विकास औद्योगिक क्रांति के कारण पूंजी का केंद्रीयकरण कुछ हाथों में हो गया था।


इसी वर्ग ने राज्य के संसाधनों पर अधिकार कर लिया। विशाल पैमाने पर उत्पादन होने के कारण उपनिवेशों की आवश्यकता कच्चामाल प्राप्त करने तथा निर्मित माल को बेचने के लिए बाजारों के रूप में हो रही थी। अतः अब अधिक से अधिक उपनिवेशों को प्राप्त करना औद्योगिक राष्ट्रों का उद्देश्य हो गया। इसके कारण औद्योगिक क्रांति के बाद एशिया एवं अफ्रीका के देशों में सामारज्यवाद का विकास तेजी से हुआ।


2. प्रजातांत्रिक मूल्यों का विकास औद्योगिक क्रांति से पहले ही इंग्लैंड में प्रजातांत्रिक मूल्यों का विकास हो चुका था। क्रांति के बाद इंग्लैंड ने जहां-जहां उपनिवेश स्थापित किये वहा भी प्रजातांत्रिक मूल्य विकसित होने लगे। नागरिकों को मत देने के अधिकार के साथ मौलिक अधिकार प्राप्त हुए। जिससे लोगों के साथ धर्म, प्रजाति, जाति, या जन्म के आधार पर भेद-भाव समाप्त होने लगा। प्रदत्त परिस्थितियों के स्थान पर अर्जित परिस्थितियों का महत्व बढने लगा।


3. श्रमिकों द्वारा सत्ता प्राप्त करने का प्रयत्न औद्योगिक क्रांति के बाद श्रमिक अपने हितो को संरक्षित करने के लिए संगठित होने लगे जिससे उनमें राजनीतिक चेतना का उदय हुआ। बाद में श्रमिक वर्ग ने सत्ता प्राप्त करने का भी प्रयत्न शुरू किया क्योंकि श्रमिकों को यह विश्वास हो गया कि जब तक सत्ता उनके हाथों मे नहीं होगी। तब तक उनके हित संरक्षित नही हो पाएंगे। इंग्लैंड में चार्टिस्ट आंदोलन, फ्रांस में 1830 ई. से 1848 ई. तक श्रमिक आंदोलन, जर्मनी में श्रमिकों द्वारा पृथक दल का निर्माण इसी उद्देश्य प्राप्ति के लिए हुआ था।


4. सामाजवादी विचारधारा का जन्म औद्योगिक क्रांति के बाद पूंजीपति वर्ग और श्रमिक वर्ग के बीच हितों का टकराव होने लगा। पूंजीपति वर्ग अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए श्रमिक वर्ग का शोषण करने लगा। जिसके कारण अनेक विचारक नवीन व्यवस्था स्थापित करने का विचार प्रस्तुत करने लगे, जिसमें श्रमिकों का शोषण न हो। इंग्लैंड में राबर्ट ओवेन ने सहकारिता आंदोलन आरम्भ किया इसके साथ साथ समाजवादी और साम्यवादी विचारों का जन्म हुआ। इसी संदर्भ में कार्लमार्क्स ने भी अपना विचार रखा जिससे यूरोप ही नही अपितु सम्पूर्ण विश्व की राजनीति प्रभावित हुई।