सामूहिक समाज कार्य में व्यावसायिक नेतृत्व - Professional Leadership in Group Social Work

सामूहिक समाज कार्य में व्यावसायिक नेतृत्व - Professional Leadership in Group Social Work 

समाज कार्य में व्यावसायिक नेतृत्व : समाज कार्य एक ऐसी प्रणाली है, जिसके माध्यम से सेवार्थी, समूह एवं समुदाय की सहायता विभिन्न प्रणालियों के माध्यम से की जाती है, जिसमें विभिन्न प्रकार की तकनीकों एवं कौशलों का प्रयोग किया जाता है। समूह कार्य के माध्यम से भी जो सहायता प्रदान की जाती है उसमें कार्यकर्ता का यह प्रयास होता है कि वह समूह को इस प्रकार से सक्षमता प्रदान करें, ताकि समूह अपनी सहायता स्वयं कर सके। इस हेतु वह समूह सदस्यों के मध्य नेतृत्व की भावना को जाग्रित करने का प्रयास करता है, जिसके द्वारा समूह सदस्य स्वयं ही समस्या समाधान हेतु सक्षम बन जाता है। नेतृत्व की आवश्यकता प्रत्येक समूहों में पाई जाती है।

सामूहिक परिस्थितियाँ ही हैं, जिनके कारण नेतृत्व का जन्म होता हैं। नेता की आवश्यकता का सामूहिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अनुभव होता है। इस क्रिया विधि के माध्य से यह प्रयास किया जाता है कि समूह के सदस्यों में जो अधिक निपुण होता है एवं सामूहिक परिस्थिति को उद्देश्य प्राप्त करने में सहायता दे सकता है, वह नेतृत्व करने में सक्षम हो सकता है अतः समूह की स्थितियों की विभिन्नता के कारण नेता के कार्यों में भी विभिन्नता होती है। इस कारण आवश्यक होता है कि यह केवल किसी एक व्यक्ति के गुण न होकर सभी समूह सदस्यों में पाये जाते हों क्योंकि, यह आवश्यक नहीं होता कि कोई एक ही व्यक्ति सभी समस्यों का समाधान कर पाए इसलिए सभी व्यक्तियों का इसमें विकास किया जाता है, जिससे वह परिस्थिति के अनुसार समस्या समाधान हेतु निपुण हो सके। इस कारण से संपूर्ण समूह के सदस्य द्वारा नेता का चुनाव किया जाता है एवं सभी सदस्य मिलकर नेता के कार्यों को निर्धारित करते हैं। समूह का नेता वही कार्य को कर सकता है जितने अधिकार उसे समूह सदस्यों के माध्यम से प्राप्त है। उसके कार्य समूह-सदस्यों की आवश्यकताओं एवं इच्छाओं पर निर्भर होते हैं। सामूहिक समाज कार्य में जिस प्रकार का नेतृत्व प्रदान किया जाता है वह प्रजातांत्रिक होता है, जिसमें संपूर्ण निर्णय समूह में आपसी चर्चा के बाद ही लिए जाते हैं सदस्यों का सक्रिय सहयोग नेता सदैव प्राप्त करना चाहता है। प्रत्येक नेता का दायित्व होता है कि वह समूह के हर एक सदस्य की इच्छा एवं आवश्यकता के अनुसार ही कार्यक्रमों का आयोजन करें तथा साथ ही समूह सदस्यों में सोचने एवं विचारने की योग्यता का विकास करे। 


व्यवसायिक नेतृत्व में नेता के कार्य : सामाजिक समूह कार्य के माध्यम से सदस्यों की आवश्कताओं एवं समस्याओं को कर दूर करने का प्रयास किया जाता है, जिसमें समूह का जो नेता होता है उसकी संपूर्ण जावाबदारी होती है कि वह प्रत्येक सदस्यों की आवश्कताओं एवं अपेक्षाओं के अनुसार कार्य करेंइस हेतु वह कुछ कार्ययोजनाओं का निर्माण कर समूह सदस्यों के मध्य आपसी तालमेल स्थापित करता है और उनकी आवश्कताओं की पहचान कर उसे पूर्ण करने का प्रयास करता है। समूह नेता समूह सदस्योंके मध्य निम्न प्रकार से कार्यों को संचालित करता है।


• लघु समूह वार्तालाप - सर्वप्रथम नेता के द्वारा समूह सदस्यों को छोटे-छोटे समूह में विभाजित कर दिया जाता है और आपस में बातचीत को प्रारंभ किया जाता है, जिससे समूह सदस्यों को सक्रिय रूप से भाग लेने का अवसर प्राप्त होता है। इस प्रकार के वार्तालाप में समानता का व्यवहार संभव होता है, नेतृत्व के विकास में सहायता मिलती है और दृष्टिकोण में परिवर्तन आता है और नेतृत्व के अवसर प्राप्त होते हैं। इस संपूर्ण प्रक्रिया में समूह नेता निम्नभूमिका को अदा करता है-


  1. समूह सदस्यों के मध्य समूह-वार्तालाप के विषय को स्पष्ट करता तथा कार्यप्रणाली को विस्तार पूर्वक समझाता है।


  1. वह समूह की समस्याको स्पष्ट रूप से सामने रखने एवं समूह के उद्देश्य को स्पष्ट करने में सहायता करता है। 


  1. प्रत्येक सदस्य को अवसर प्रदान करने में सहायता करता है, जिससे कि वे विचार को सभी के सामने रख सके।


  1. सभी सदस्यों के समक्ष कुछ प्रश्नों को रखता है एवं उनका उत्तर प्राप्त करने का प्रयास करता है।


  1. नेता समूह पर नजर बनाए रखता है और यह देखता है कि उद्देश्यों के अनुसार चर्चा हो रही हैं की नहीं और चर्चा में सभी सदस्य की भागादारी है नहीं। 


  1. समूह में सकारात्मक एवं सहयोगत्मक वातावरण बनाए रखने का प्रयास करता हैं।


  1. वह सभी सदस्यों के मध्य उचित सुझावों को रखता है। 


  1.  नेता कार्यवाही के दौरान हमेशा यह देखता है कि चर्चा निर्धारित उद्देश्य के अनुसार सही दिशा में जा रही में कि नहीं।


  1. वह संपूर्ण चर्चा का सारांश तैयार करता है।


  1. जिन मुद्दों में अस्पष्टता है उसे स्पष्ट करने का प्रयास करता है।


समिति (कमेटी) वार्तालाप


समूह कार्य में समिति या कमेटी का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान हैं। समूह के लक्ष्य प्राप्ति हेतु इस प्रकार से समूह के सदस्यों को एक कमेटी के रूप में बाँट दिया जाता है, जिससे कि वह आपस में बातचीत कर सकें इसका उद्देश्य किसी विशेष विषय पर आपसी बातचीत या सलाह से होता हैं और इन कमेटियों के माध्यम से कार्यक्रम नियोजन तथा नीतियों का निर्माण किया जाता हैं। कमेटी में सदस्य संख्या कम होने के कारण प्रत्येक सदस्य को अपनी बात कहने का अवसर प्राप्त होता हैं। समूह का नेता इस प्रकार की कमेटी में निम्न भूमिका को अदा करता हैं.


  1.  नेता द्वारा कमेटी के सभी सदस्यों की उनकी विशेषज्ञता एवं अनुभवशीलता के आधार पर प्रत्येक सदस्य से विषय संबंधी राय लेनी चाहिए।


  1. समूह नेता का दायित्व होता है कि वह कमेटि सदस्यों को समूह के उद्देश्य से अवगत कराएं एवं सदस्यों को आवश्यक सलाह दे


  1.  आवश्यक प्रश्नों को कमेटी के समक्ष रखता है जिन पर वार्तालाप करना है।


  1. कमेटी के प्रत्येक सदस्य को बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने को प्रोत्साहित करता है और प्रत्येक प्रश्न का उन्हीं के माध्यम से खोजता है।


  1.  वह कमेटी के अध्यक्ष का चुनाव करें।


  1.  अध्यक्ष को कमेटी के उद्देश्यों पर विस्तृत चर्चा करने हेतु प्रेरित करता हैं।


  1. कमेटी को समयानुसार संचालित करने हेतु सहायता करता हैं।


  1. वह कमेटी के सदस्यों से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर सारांश तैयार करता है।


परिसंवाद या गोष्ठी


जब विभिन्न व्यक्तियों द्वारा किसी एक विषय के विभिन्न पहलुओं पर विस्तर से चर्चा की जाती है और अपने विचार व्यक्त किए जाते हैं, तो उसे परिसंवाद या गोष्ठी कहा जाता है। इस प्रकार से एक नेता का दायित्व होता है. कि वह समूह सदस्यों के मध्य परिसंवाद स्थापित करें, ताकि विषय के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जा सके, जिससे कुछ नए विचारों का आयाम हो। इस हेतु नेता निम्न प्रकार से भूमिका को अदा करता हैं। 


  1.  वह विषय से संबंधित व्यक्तियों से मिलता है और विषय पर चर्चा करने हेतु लोगों को आमंत्रित करता हैं।       


  1. जब परिसंवाद प्रारंभ होते ही मुख्य मुख्य बातों को नोट करना प्रारंभ कर देता है।


  1.  नेता सर्वप्रथम गोष्टी की शुरूआत स्वयं करता है समस्या पर प्रकाश डालता है, उसके महत्व को स्पष्ट करता है फिर उसके पश्चात सदस्यों को विचार रखने हेतु कहता है।


  1. समूह को परिसंवाद के वक्ताओं से परिचय करवाता है। 


  1. वह प्रत्येक सदस्य की भूमिका निश्चित करता है।