समूह कार्य के साथ समाज कल्याण प्रणाली का संबंध - Relationship of social welfare system with group work

समूह कार्य के साथ समाज कल्याण प्रणाली का संबंध - Relationship of social welfare system with group work


समाज कल्याण प्रशासन प्रणाली समाज कार्य में प्रमुख रूप से द्वितीयक या सहायक प्रणाली के रूप में कार्य करती है। समूह कार्य में तीन अंगों का होना अत्यंत आवश्यक होता है समूह संस्था और कार्यकर्ता यह प्रणाली मुख्यतः संस्थाओं सहयोग में अहम भूमिका को अदा करती है जिसका उपयोग कर कार्यकर्ता समूह की आश्यकताओं एवं लक्ष्य की पूर्ति कर सकें।

सामाजिक अभिकरण या सरकारी कल्याणकार्यक्रमों से संबंधित प्रशासन को समाज कल्याण प्रशासन के अंर्तगत रखा जाता है। समाज कल्याण प्रशासन को एक परिभाषा से समझाना अत्यंत कठिन कार्य है। विभिन्न विद्वानों ने समाज कल्याण प्रशासन को भिन्न-भिन्न प्रकार से परिभाषित करने का प्रयास किया है जिनमें मुख्य रूप से आर्थर डनहम ने कहा है कि इसका अर्थ उन सहारा देने वाले एवं सुविधा देने वाले या सुविधाजनक या सरल बनाने वाले क्रियाकलापों से है जो किसी संस्था द्वारा प्रत्यक्ष सेवा प्रदान करने के लिए आवश्यक होते हैं एवं जिनका संपादन एक सामाजिक संस्था द्वारा प्रत्यक्ष सेवा के लिए दिए जाने के साथ-साथ होता रहता है।"


जान किडनाई के अनुसार समाज कल्याण प्रशासन सामाजिक नीति को सामाजिक सेवाओं में बदलने की एक प्रक्रिया है। प्रो0 राजाराम शास्त्री के अनुसार सामाजिक अभिकरण तथा सरकारी या गैरसरकारी कल्याण कार्यक्रमों से संबंधित प्रशासन को समाज कल्याण कहते हैं। यद्यपि इसकी विधियाँ प्रविधियाँ या तौर-तरीके इत्यादि भी लोक-प्रशासन या व्यापार प्रशासन की ही भाँति होते हैं किंतु इसमें एक बुनियादी भेद यह होता है कि इसमें सभी स्तरों पर मान्यता और जनता त्रिकता का अधिक अधिक ध्यान रखकर ऐसे व्यक्तियों या वर्ग से संबंधित प्रशासन किया जाता है जो कि बाधित होते हैं।


समाज कल्याण प्रशासन में मुख्य रूप से लूथर गुलिक द्वारा प्रारूप को ध्यान में रखकर कार्य किया जाता है जिसमें उन्होंने पोस्डकार्ब का उल्लेख किया है, जिसमें P से Planning अर्थात नियोजन, O से (POSDCORB) का उल्लेख किया। Organising अर्थात संगठन, S से Staff अर्थात कर्मचारी, D से Direction अर्थात निर्देशन, Co से Co-ording अर्थात समन्वय एवं B से Budgeting अर्थात बजट बनाने को निर्धारण किया गया है।

समाज कार्य मुख्य रूप से सामाजिक संस्थाओं या विभागों संबंधित संगठनों जैसे विद्यालयी चिकित्सीय एवं मनोचिकित्सीय विभाग, अपराध-सुधार संस्थाएँ अन्य पिछड़े वर्गों का कल्याण संबंधी संस्थाएँ श्रम कल्याण संबंधी संस्थाएं पिछड़ी जाति एवं वर्ग कल्याण करने वाली संस्थाएँ इत्यादि संस्थाओं के साथ मिलकर कार्य करती है एवं कार्यकर्ता द्वारा इन संस्थाओं का प्रयोग कर समुदाय की समस्याओं क्र करने का प्रयास किया जाता है।