आपदा पीड़ितों के साथ समाज कार्य - Social Work with Disaster Victims
आपदा पीड़ितों के साथ समाज कार्य - Social Work with Disaster Victims
समाज कार्य आपदा पीड़ितों के साथ मुख्य रूप से सहायक होकर कार्य करता है। आपदा एक प्राकृतिक घटना है, जिससे व्यापक रूप से मानवीय नुकसान होता है और अनेक धन संपत्तियां नष्टहो जाती है। आपदा से केवल वे ही लोग प्रभावित नहीं होते, जिनकी मृत्यु हो गई है और जो गंभीर रूप से घायल हुए है वरन वे व्यक्ति भी प्रभावित होते हैं, जो जीवित बचे हैं।
इन सभी व्यक्तियों व उनके परिवारों को किसी-न-किसी रूप में सहायता की आवश्यकता होती है। चाहे वह सहायता भावात्मक रूप में हो या मनोविज्ञानिक रूप में। आपदा में किसी-न-किसी रूप में सभी व्यक्तियों को जनजीवन प्रभावित होता है। विद्वानों ने आपदा पीड़ित लोगों को छह श्रेणियों में वर्गीकृत करने का प्रयास किया है-
1. सर्वप्रथम पीड़ितों की श्रेणी में वे व्यक्ति आते हैं, जो आपदा से सीधे रूप में प्रभावित होते हैं।
2. दूसरी श्रेणी में वे व्यक्ति आते हैं, जो प्रथम श्रेणी में प्रभावित व्यक्तियों के परिवार के सदस्य, मित्र, रिश्तेदार होते हैं।
3. तीसरी श्रेणी में उन व्यक्तियों को रखा जाता है, जिन्हें आपदा के बाद बचा लिया गया हो या जिनका इलाज चल रहा हो और वे ठीक होने की स्थिति में है।
4. चौथी श्रेणी में वे व्यक्ति आते हैं जो कि समुदाय हेतु आपदा कार्यों में लगे होते हैं।
5. पांचवी श्रेणी- इस श्रेणी में उन लोगों को रखा जाता है, जिनके पास आपदा का कोई अनुभव नहीं होता, किंतु आपदा ग्रसित व्यक्तियों को देखकर उन्हें दुख होता है।
6. छठवी श्रेणी और अंतिम श्रेणी में उन लोगों को रखा जाता है जो कि आपदा से प्रभावित होते हैं और किसी न किसी संयोगवश बच जाते है
आपदा पीड़ितों की आवश्यकता
आपदा मनुष्य को आर्थिक एवं सामाजिक किसी-न-किसी रूप में प्रभावित करती है, जिसमें व्यक्ति को अनेक प्रकार के धन-जन की हानि होती है। इस कारण ऐसे व्यक्तियों की निम्नलिखित आवश्यकताओं को देखा जा सकता है.
1. मकान की आवश्यकता:- आपदा आने के पश्चात अनेक मकान ढह जाते है। ऐसी स्थिति में व्यक्तियों के निवास हेतु अस्थाई आश्रय की आवश्यकता होती है। अस्थाई आवश्यकता को पूरी करने के पश्चात पीड़ित व्यक्तियों को स्थाई मकान अति आवश्यक हो जाता है।
2. भोजन – भोजन मानव की मूलभूत आवश्यकता है। आपदा के पश्चात पीड़ितों हेतु उचित भोजन पहुंचाना अत्यंत आवश्यक होता है।
3. चिकित्सीय सहायता:- जो व्यक्ति आपदा के समय किसी न किसी रूप से घायल हो गए है, उनको उचित दवाईयों और देखभाल की आवश्यकता है।
4. कानूनी सहायता – पीड़ितों के जीवन यापन हेतु उचित प्रकार से क्षतिपूर्ति हेतु कानूनी सहायता की आवश्यकता है, जिससे वे पुन: मुख्य धारा में वापस लौट पाए।
5. पीड़ितों को उपयुक्त सहायता के अतिरिक्त मनोसामाजिक सहायता के साथ-साथ उनमें आत्मसम्मान जगाने की भी आवश्यकता होती है।
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