समूह कार्य में तकनीकें - Techniques in Group Work
समूह कार्य में तकनीकें - Techniques in Group Work
समूह कार्य में तकनीकें
सामाजिक समूह कार्य में सहायता करने के उपक्रम में समूह और कार्यकर्ता के मध्य होता है। यह एक महत्वपूर्ण प्रक्रियायुक्त चरणबद्ध प्रणाली के रूप में भी देखी जा सकती है। सामाजिक समूह कार्य में निम्नलिखित तकनीकों को प्रमुखत: देखा जा सकता है और उन्हें प्रयोग में भी लाया जा सकता है, जिसका उपयोग समूह कार्यकर्ता के लिए अंत्यत ही महत्वपूर्ण होता हैं।
> परामर्श की तकनीक
परामर्श समूह कार्य प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण तकनीक के रूप में जानी जाती है। यह एक कला एवं विज्ञान दोनों हैं। इसके सहायता से कार्यकर्ता समूह सदस्यों की सहायता परामर्श तकनीक माध्यम से करने का प्रयास करता हैं। कार्यकर्ता के लिए आवश्यक है कि उसमें विषय वस्तु के ज्ञान के साथ-साथ अनुशासन एवं आत्मिक विकास का भी होना आवश्यक होता है। अभिव्यक्ति तब होती है जब परामर्शदाता समूह तथा अपने बीच संबंधों को सुदृढ़करने के लिए विभिन्न निपुणताओं का उपयोग करता है तथा समूह को स्वात्ता बनाएं रखने का समर्थन करता है। परामर्श के लिए यह आवश्यक होता है कि परामर्श दाता अच्छा संप्रेषक हो और यह तकनीकों के माध्यम से करता है।
संप्रेषक सावधानीपूर्वक अवलोकन करने पर निर्भर होता है। कार्यकर्ता में प्रशिक्षण तथा अनुभव के कारण दूसरों की सहायता करने की दक्षता होती है। वह अनेक प्रकार की व्यक्तिगत कठिनाइयों का समाधान विभिन्न तकनीकों के माध्यम से करता है।
> आत्मविश्वास जगाने और निर्मित करने की तकनीक
सामाजिक समूह कार्यकर्ता द्वारा समूह में आत्मविश्वास जगाने का काम प्रमुख होता है। इसलिए इसकी आवश्यकता को महत्व दिया जाता है।
समस्या समाधान प्रक्रिया में समूह की पूर्ण भागीदारी होने के लिए उसके अंदर आत्मविश्वास निर्माण की आवश्यकता होती है। समूह को भली-भांति समझकर विभिन्न मजबूत पक्षों को उद्घाटित करना चाहिए और उसे इन सकारात्मक पक्षों के बारे में बताना भी चाहिए। समूह द्वारा जो भी काम बेहतर और वैज्ञानिक ढंग से किया गया हो उसका पूरा श्रेय समूह को ही देना चाहिए। समूह की जो शक्तियां है उन्हेंसामने लाने का प्रयास करना चाहिए और समूह की कमज़ोरियों को दूर कर उसमें आत्मविश्वास का भाव जगाना चाहिए।
ये प्रक्रिया पूर्ण रूप से समूह के अंदर निर्मित आत्मविश्वास को जागृत करने में मददगार साबित होती है। अत: यह तकनीक समूह कार्य प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण तकनीक के रूप में कार्यकर्ता द्वारा उपयोग में लाई जाती है।
> संचार कौशल की तकनीक
संचार का प्रत्येक मानव जीवन में अत्यंत महत्व होता है। इसी तकनीक के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति अपनी बातों या आवश्यकताओं को दूसरे व्यक्ति तक पहुँचाने का प्रयास करता है। यह एक ऐसा माध्यम है जिसकी सहायता से कार्यकर्ता संपूर्ण प्रक्रिया को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करता है। कार्यकर्ता का यह उत्तदायित्व होता है कि वह अपनी बात, सुझाव, मदद, प्रस्ताव आदि को समूह के समक्ष रखे साथ ही उसे उचित अभिव्यक्ति भी दे। इस कौशल हेतु संचार तकनीक की आवश्यकता होती है। संचार कौशल में समूह के प्रति संवेदना उत्साह व सहानुभूति प्रकट करने के साथ सकारात्मकता को व्यक्त करने की दक्षता महत्वपूर्ण होती है। संचार कौशल के रूप में तकनीक का प्रयोग भी प्रासंगिक होता है। प्राय: संचार के किसी माध्यम का प्रयोग समूह को बेहतर समझ विकसित करने में मदद करता है। यह एक प्रकार से बात रखने और परस्पर समझने की कला है, जिसकी निपुणता का लाभ समाजकार्य के क्षेत्र में संचारकौशल के माध्यम से किया जा सकता है।
> भौतिक सहायता उपलब्ध कराने और जुटाने की तकनीक
समाजकार्य में भौतिक सहायता उपलब्ध कराने से अर्थ है कि कोई मान्यता प्राप्त गैर-सरकारी संस्था किसी समूह को आर्थिक और उपयोगी वस्तुओं की मदद करने से है। कई बारभिन्न-भिन्न तकनीक के माध्यम से दिए गए समर्थन के अलावा समूह को भौतिक सहायता जिसमें आर्थिक वस्तुओं के रूप में मदद की आवश्यकता होती है। बहुत सी संस्थाएं ऐसी होती हैं जिनके पास भौतिक सहायता के लिए स्वयं की नियमावली होती है, जिसका उद्देश्य कार्यक्षेत्र में कार्य-नियंत्रण व आत्मनियंत्रणयुक्तहोता है। परंतु कई बार विपरीत स्थिति में कुछ संस्थाओं के पास नियमावली का अभाव होता है। परिणात: नियमावली नहीं होने की स्थिति में तो समूह के लिए धर्माथ-न्यास जैसी संस्थाएं, व्यक्तिगत सहायता और दान-दाताओं तथा कुछशुभचिंतकों की ओर से धन और वस्तुओं को एकत्रित करना होता है। विभिन्न मौकों पर समूह की जरूरत अलग-अलग प्रकार की होती है। इसके चलते कार्यकर्ता को समूह के हित के लिए कई स्थानों से सहायता दिलानी होती है। इसको संसाधन संग्रहण कहा जाता है। इन सभी चीजों के लिए कार्यकर्ता को संभावित संसाधन संपन्नव्यक्तियों को ढूंढ़ना होता है और समूह की आवश्यकताओं को पूरी तरह से व्यख्या करने की प्रक्रिया के तरीके द्वारा कुछ नवीन खोज कार्य करने की आवश्यकता होती है। इस प्रकार से कार्यकर्ता द्वारा इस तरह का प्रयास किया जाता है कि समूह के हित हेतु भौतिक सहायता को उपलब्ध कराया जाए और किस तकनीकों के माध्यम से इन सुविधाओं को जुटाया जाए।
> समूह कार्य कौशल एवं तकनीकों को अर्जित करने के तरीके:
सर्वप्रथम कार्यकर्ता द्वारा व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया जाना चाहिए और अपने अवलोकन क्षमता के आधार पर उस व्यक्ति का खोजना चाहिए जो कि समूह के साथ कार्य करने हेतु सक्षम हो। आपको स्वयं का स्तर जानने के लिए स्वयं की जांच कीजिए और यह ज्ञात कीजिए कि आप किस स्थान पर है। ध्यान रखने वाली बात है यह है कि सभी व्यक्तियों को एक दृष्टिकोण के अनुसार नहीं देखना चाहिए। सभी व्यक्तियों को अलग-अलग नजर से देखना चाहिए, क्योंकि सभी व्यक्तियों की योग्यता भिन्न-भिन्न होती हैं। इस प्रकार के गुणों को आत्मसात करना चाहिए, कार्य करने में लोकतांत्रिक नेतृत्व की शैली में गहराई से आंकलन करना चाहिए और सभी तरह से आपसी समझ को विकसित करना चाहिए। अनुभव के आधार पर ज्ञात होता है कि योग्यता नेतृत्व के गुणों के आधार पर किया जाना चाहिए इसके अतिरिक्त निम्न तथ्यों के माध्यम से भी समूह कार्य में कौशल एवं तकनीकों को अर्जित किया जा सकता हैं।
• अनेक अध्ययनों जैसे- पुस्तकालयों, प्राधिकृत वेबसाइट्स, जरनलों, रिपोर्टों इत्यादि से प्रासंगिक सामग्री का अध्ययन कर कौशलता एवं तकनीकों को अर्जित करने में सहायता प्राप्त होती हैं।
• समूह के साथ किए गए कार्यों की प्रतिदिन की डायरी एवं लिखिए दस्तावेज के माध्यम से अपने आप को परिपक्व बनाया जा सकता है।
• स्वयं का मूल्यांकन करके।
• आपसी अंतक्रिया के माध्यम से
अत: इस प्रकार के ज्ञान से समूह कार्यकर्ता अपने आप को विभिन्न कौशलों एवं तकनीकों को अर्जित कर सकता हैं। समूह कार्य कौशलों को ग्रहण करने के लिए दूसरों की सहायता आवश्यक रूप से करनी चाहिए व समूह कार्य कौशल के संबंध में लगातार आत्मनिरीक्षण व पुनर्परीक्षण करते रहना चाहिए।
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