समाजशास्त्र का अकादमिक विकास - Academic Development of Sociology

 समाजशास्त्र का अकादमिक विकास - Academic Development of Sociology


1. संयुक्त राज्य अमेरिका समाजशास्त्र का उद्भव भले ही फ्रांस में हुआ लेकिन अकादमिक विषय के रूप में सबसे पहले एंव सर्वाधिक विकास अमेरिका में ही हुआ। समनर के नेतृत्व में सन् 1876 येल विश्वविद्यालय में सर्वप्रथम समाजशास्त्र का अध्ययन शुरू हुआ। अमेरिका में समाजशास्त्र के विकास मे शिकागो सम्प्रदाय का विशेष योगदान रहा है। सन् 1892 ई. में ए. डब्ल्यू. स्माल द्वारा शिकागो विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र विभाग की स्थापना हुई। इस विभाग द्वारा जिस समाजशास्त्रीय चिंतन, अध्ययन एवं शोध के दृष्टिकोण का विकास हुआ संयुक्त राज्य अमेरिका में शिकागो सम्प्रदाय के नाम से प्रचलित हुआ।

यह सम्प्रदाय मुख्य रूप से नगरीय समस्याओं का अध्ययन करता है। स्माल, वार्ड, कूले, वार्गेस, पार्क, लुई विर्थ, नैनकी, ब्लूमर आदि जैसे समाजशास्त्री इस सम्प्रदाय के समर्थक है।


2. फ्रांस- समाजशास्त्र का उद्भव फ्रांस में हुआ था। लेकिन अकादमिक विकास अमेरिका के बाद सन् 1889 में दुर्खीम के प्रयासो से हुआ। दुर्खीम वास्तव मे कॉम्ट के उत्तराधिकारी के रूप में कार्य करते हुए समाजशास्त्र को अन्य सामाजिक विज्ञानो से पृथक विज्ञान बनाने का प्रयत्न किया। कॉम्ट, दुर्खीम के बाद टार्डे, लीप्ले, पियरे बोर्डियो आदि जैसे समाजशास्त्रियों ने फ्रांसीसी समाजशास्त्र के विकास में सराहनीय योगदान दिया। 2. ब्रिटेन- इंग्लैंड में समाजशास्त्र का अकादमिक विकास सन् 1907 में हुआ। हरबर्ट स्पेंसर, मिल, चार्ल्स बूथ, हाबहाउस, वेस्टरमार्क, मानहीम, आदि जैसे समाजशास्त्रियों ने इंग्लैंड में समाजशास्त्र के विकास के लिए कार्य किया।


3. जर्मनी जर्मनी में समाजशास्त्र का अकादमिक विकास टानीज, वानबीज, मैक्सवेबर, बीरकान्त, सीमेल, आदि के प्रयासों से 20 वीं शताब्दी के प्रारम्भिक दशकों में हुआ। जर्मनी के समाजशास्त्रीय विकास में फ्रैंकफर्ट विश्वविद्यालय का विशेष योगदान है। जहां सन् 1923 में एक सामाजिक अनुसंधान संस्थान की स्थापना की गयी। जो बाद में फ्रैंकफर्ट सम्प्रदाय के नाम से जाना गया।

यह सम्प्रदाय मार्क्सवादी विचारधारा में का समर्थन करता है। एम होरखाइमर मारक्यूज, ई० फ्राम आदि जैसे समाजशास्त्री इस सम्प्रदाय के प्रमुख समर्थक है।


4. भारत भारत में सर्वप्रथम सन् 1914 ई0 मुम्बई विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर समाजशास्त्र का अध्ययन शुरू हुआ। सन् 1919 में ब्रिटिश समाजशास्त्री पैट्रिक गिडिग्स के नेतृत्व में समाजशास्त्र विभाग की स्थापना हुई। जी. एस. घुरिये, राधाकमल मुखर्जी, डी. एन. मदूमदार, ईरावती कर्वे आदि जैसे समाजशास्त्रियों ने भारतीय समाजशास्त्र के विकास में प्रमुख योगदान दिया।