अमेरिकन समाजशास्त्र की विशेषता , प्रवृत्तियाँ - Characteristics of American Sociology , trends
अमेरिकन समाजशास्त्र की विशेषता , प्रवृत्तियाँ - Characteristics of American Sociology , trends
अमेरिका में शुरूआर Principles व Sociology 1874 में प्रकाशित हुयी। अंग्रेजी विद्वान Bagehot us Physics and Politics का 1869 में प्रकाशन करवाया। उपरोक्त सभी समाजशास्त्री व उनके कार्यों ने अमेरिका में समाजशास्त्र के विषय के रूप में विकास हेतु एक आधार प्रदान किया।
तत्पश्चात् अमेरिका में नये आवेग से समाजशास्त्र का विकास प्रारम्भ हुआ और इसी क्रम में Lester F. Ward जो कि वाशिंगटन में सरकार द्वारा नियुक्त एक पैलियो बोटैनिक थे 1883 में Dynamic Sociology की रचना की। इनकी रचना कॉम्ट व स्पेन्सर से प्रभावित थी। वार्ड की इस कृति ने अमेरिकी समाज व यहां के विद्वानों पर गहरा प्रभाव छोड़ा।
ती समाजशास्त्रियों में सभी अन्य क्षेत्रों से ही सम्बन्धित थे जैसे समनर अर्थशास्त्री थे, स्माल राजनीति व इतिहास से सम्बन्धित थे। गिडिग्स पत्रकारिता में प्रशिक्षित थे साथ ही कुछ वर्षों तक अमेरिकन इकोनामिक एसोसियेशन में भी सक्रिय सदस्य के रूप में काम किया वहीं रॉस भी अर्थशास्त्री ही थे। स्माल व रॉस पर जर्मन विचारों व सिद्धान्तों का प्रभाव अधिक था विशेषतः कॉम्ट और स्पेन्सर के विचारों का।
अमेरिकी समाजशास्त्री वार्ड ने Dynamic Sociology की रचना 1883 में की जिसमें उनके परिपक्व विचारों की छवि स्पष्ट दिखायी देती है इस किताब में कॉम्ट व स्पेन्सर के विचारों का प्रभाव भी दिखायी देता है। साथ ही उनके विचारों में सुधार का प्रयत्न भी। आपने सभ्यता व संस्कृति के विकास के मानसिक कारकों के विषय में भी विचार दिये उनके सिद्धान्तों में वैज्ञानिकता का समावेश है।
यद्यपि इनके विचारों का अनुसरण अमेरिकी विद्वानों द्वारा कम दिखायी देता है तथापि इन्होंने सामाजिक विकास में मानसिक तत्व की उपयोगिता को बता कर विचार को एक आधार प्रदान किया।
विलियम ग्राह्य समनर समाजशास्त्र के अकादमिक जनक के नाम से विख्यात समनर ने येल विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र का अध्ययन शुरू किया। तीन साल तक ये सहायक निदेशक के रूप में कार्य किये तत्पश्चात् चर्च के एकरेक्टर के रूप में सन् 1910 में उनकी मृत्यु के समय में येल विश्वविद्यालय में राजनीतिक व सामाजिक विज्ञान के प्रोफेसर रहे लेकिन अपनी मृत्यु के पहले इन्होंने समाजशास्त्र के विकास को समर्पित दो किताब पहली 1883 में प्रकाशित What Social Class Owe each other और 1906 में प्रकाशित Folkways समनर ने जनरीतियों का विश्लेषण करते हुए लिखा कि प्रत्येक मानव समूह की अपनी उपर्युक्त जनरीतियाँ, रूढ़ियाँ व संस्थाएं होती है जो प्रत्यत्न व मूल के आधार पर किसी विशिष्ट समय एवं परिस्थिति में सबसे उपयुक्त स्वीकार कर ली जाती है साथ ही समनर ने अन्तः समूह व वाह्य समूह तथा समूह केन्द्रता की अवधारणा प्रस्तुत की। समनर ने मानवीय आक्रमकता व प्रतिस्पर्धा को मानवीय विकास व प्रगति की कुंजी माना Albion W.K. Small अमेरिकी समाजशास्त्रियों में अग्रणी समाजशास्त्री रहे।
इनके आगमन ने अमेरिका में समाजशास्त्र के अध्ययन को नयी दिशा प्रदान की। कालेज से स्नातक के उपरान्त ये न्यूटन सोशियोलॉजिकल इंस्टीट्यूट में प्रवेश लिये साथ ही जर्मनी व इग्लैण्ड में इतिहास व राजनैतिक अर्थशास्त्र का अध्ययन भी किया। जर्मन से लौटने पर ब्वसइल विश्वविद्यालय में इतिहास व अर्थशास्त्र के प्रोफेसर के पद पर नियुक्त किये गये। कुछ समय ये Johns Hopkins University में भी सेवा दिये और लौटने के बाद Colby विश्वविद्यालय में संस्था के प्रेसीडेंट चुने गये। तब स्माल समाजशास्त्र के पाठ्यक्रम का परिचय देते है और उसी समय अपने विद्यार्थियों को An Introduction to the Science of Sociology संबंधी स्वयं के द्वारा तैयार पाठ्यक्रम में परिचित करवाते हैं। कुछ समय अपना योगदान शिकागो विश्वविद्यालय में भी समाजशास्त्र के विकास हेतु देते हैं।
मुख्यतया स्माल का कार्य समाजशास्त्र के इतिहास संबंधी रहा। जिसे उन्होंने अपने मोनोग्राफ 'समाजशास्त्र के 50 वर्ष अमेरिका में जो कि मई 1916 में American Joumal of Socilogy में प्रकाशित हुआ, The future व Sociology का प्रकाशन 1920 में अमेरिकन सोशियोलाजिकल सोसाइटी में प्रकाशित हुआ और इनकी अन्तिम किताब Origin of Sociology अमेरिका में समाजशास्त्र के विकास प्रक्रिया का सर्वोत्कृष्ट कृति है।
एक अन्य अमेरिकी समाजशास्त्री Franklin Henry Giddings है जिन्होंने समाजशास्त्र के पहला कोर्स 1890 में Bryn Mawr में शुरू किया। इनकी पृष्ठभूमि स्माल व समनर से अलग थी।
अमेरिकी समाजशास्त्र की प्रवृत्तियाँ
1. अमेरिका में समाजशास्त्र की अध्ययन क्षेत्र की सीमा का परिभाषित किया गया।
2. सामाजिक संबंधों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से परिभाषित किया।
3. सामाजिक वर्गो, संस्थाओं व प्रक्रियाओं के विश्लेषण की शुरूआत हुयी।
4. समाजशास्त्र की प्रकृति का तात्कालिक विश्लेषण किया गया।
5. प्रगति का अर्थ परिभाषित किया गया।
6. समाजिक विकास के लिए इसे सामाजिक मानव विज्ञान के रूप में सबसे उपयोगी सामग्री मिली।
7. प्रत्यक्षवादी परंपरा की शुरूआत व इसका उपयोग प्रारम्भ हुआ।
8. प्रघटनाशास्त्र, लोकविधि विज्ञान, नव प्रकार्यवाद आदि माइक्रो सिद्धांत अमेरिकी समाजशास्त्र की ही देन है।
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