शक्ति की विशेषताएं - Characteristics of Power

 शक्ति की विशेषताएं - Characteristics of Power


शक्ति में निम्न विशेषताएं इस प्रकार हैं


1. शक्ति संबंध सूचक अवधारणा है इसमें शासक और शासित ओं के बीच संबंध पाया जाता है शासक के लिए आवश्यक है कि कुछ ऐसे व्यक्तियों जिस पर वह शासन करें।


2. शक्ति द्विपक्षीय अवधारणा है इसमें शासक और शासित दोनों होना आवश्यक है किसी एक के अभाव में शक्ति का प्रयोग संभव नहीं है।


3. शक्ति व्यक्तिगत स्थिति व प्रतिष्ठा को प्रभावित करती है अर्थात शक्ति परिस्थिति जन्य होती है।


4. शक्ति में पुरस्कार और दंड देने की शक्ति पाई जाती है अर्थात जो व्यक्ति शक्तिधारी होते हैं वह दंड और पुरस्कार दोनों देने की स्थिति में रहते हैं। 


5. वस्तुएं एवं विचार स्वयं में शक्ति नहीं होती हैं इसलिए शक्ति के लिए व्यक्तियों का होना आवश्यक है।


6. शक्ति का एक निश्चित उद्देश्य होता है।


7. शक्ति के अनेक रूप हो सकते हैं जैसे सत्ता प्रभाव एवं बल प्रयोगा।


8. शक्ति सभी मानवीय समाजों में पाई जाती है।


9. शक्ति दूसरों के द्वारा प्रतिरोध करने पर ही सफल रहती है।


10. शक्ति अर्जित नहीं की जाती वरन् उसे संगठित और सुदृढ़ किया जाता है।


11. शक्ति मानवीय क्षमता का नाम है।

12. शक्ति तभी स्थाई रह सकती है जब वह औचित्य पूर्ण हो उस पर जन सहमति हो और वह जनहित पर आधारित हो। 



रॉबर्ट डाहल के अनुसार शक्ति की विशेषताएं


1. शक्ति मानवीय अंतःसंबंधों को स्थापित करती है किंतु जब शक्तिधारी और प्रभावित दोनों मानव हो। 


2. शक्तिधारी को योग्य एवं सक्षम होना चाहिए क्षमता रहित व्यक्ति शक्तिधारी नहीं हो सकता शक्ति का प्रयोग करने वाले व्यक्ति के पास शक्ति का प्रयोग करने की क्षमता होनी चाहिए।


3. शक्ति का उद्देश्य व्यवहार परिवर्तन से है अर्थात प्रभावित लोगों में शक्ति के द्वारा व्यवहार परिवर्तन लाना आवश्यक है प्रभावित पक्ष के अंतर्गत व्यक्ति, समूह, संस्था और राज्य आदि आते हैं।