समुदाय की परिभाषाएं ,सैद्धान्तिक अवधारणा - Definitions of Community, Theoretical Concept
समुदाय की परिभाषाएं ,सैद्धान्तिक अवधारणा - Definitions of Community, Theoretical Concept
समुदाय की सांघटनिक विशेषताओं तथा उसके प्रकृति के आधार पर कुछ विद्वानों ने इसकी निम्नलिखित परिभाषाएं प्रस्तुत की हैं वो निम्न प्रकार है:
1. बोगार्डस, "एक समुदाय एक ऐसा सामाजिक समूह है जिसमें कुछ अंशों में हम की भावना (Some Degree of Wefelling) पाई जाती है, तथा जो एक निश्चित क्षेत्र में रहता है"। उपर्युक्त परिभाषा के आधार पर बोगार्डस का यह मत है कि समुदाय के निर्माण सदस्यों में हम की भावना होना अनिवार्य तत्व है"।
2. मैकाईवर तथा पेज, "समुदाय सामाजिक जीवन का ऐसा क्षेत्र है जिसमे सामाजिक सम्बद्धता (Social Coherence) की कुछ मात्र पाई जाती है। इस प्रकार समुदाय के निर्माण हेतु एक क्षेत्र तथा सदस्यों के मध्य सामाजिक संपर्क भी आवश्यक है।
समुदाय की सैद्धान्तिक अवधारणा (Theoretical Concept of Community)
समुदाय की अवधारणा को समाजशास्त्र में प्रयुक्त करने का श्रेय टानिज को जाता है, जिन्होंने उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में दो जर्मन शब्दों के माध्यम से सामाजिक संरचना के विश्लेषण के सन्दर्भ में दो आदर्श प्रारूपों को प्रस्तुत किया है- (1) जैमन शाफ्ट (2) जैशल शाफ्ट
1. जैमन शाफ्ट टानीज इसे समाज की प्राथमिक इच्छा के रूप में परिभाषित करते हैं अर्थात इसे प्राकृतिक अथवा स्वाभाविक इच्छा का परिणाम माना है। अर्थात इसके मध्य सदस्यों का जीवन संबंध घनिष्ठ तथा वैयक्तिक होता है। इसके सदस्यों में परम्पराओं, रुढियों, विश्वासों आदि में समानता मिलती है तथा इस अवस्था में खेत, वन, चारागाह, आदि पर सबका समान स्वामित्वा होता है। अर्थात जैमन शाफ्ट अवधारणा के स्तर पर समुदाय की विशेषताओं को प्रदर्शित करता है।
ii. जैशल शाफ्ट : यह प्राकृतिक के स्थान पर तार्किक इच्छा का परिणाम होता है अर्थात इस सामुदायिक विशेषता के अन्दर सदस्यों के मध्य संबंध अवैयक्तिक तथा संविदात्मक होते हैं तथा इसके सदस्यों के मध्य संबंध सतही प्रकार के होते हैं। तथा ये संगठन अपनी प्रकृति में स्थायी न होकर परिवर्तनशील होते हैं।
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