ग्रामीण समुदाय की परिभाषाएं - Definitions of Rural Community

 ग्रामीण समुदाय की परिभाषाएं - Definitions of Rural Community


1. फेयरचाईल्ड, “ग्रामीण समुदाय पड़ोस की अपेक्षा विकसित क्षेत्र है जिसमे आमने-सामने के संबंध पाए जाते हैं। 


2. मैटकाफ : इन्होनें ग्रामीण समुदाय को अखंडित, परमाणुक, अपरिवर्तनीय लघु गणतंत्र अथवा छोटे-छोटे गणराज्य के रूप में परिभाषित किया है। 


3. मेंडल बाम : “इन्होनें ग्रामीण समुदाय को आधारभूत सामाजिक इकाई के रूप में परिभाषित किया है।


4. इन्साइक्लोपीडिया ऑफ़ सोशल साइंसेज, “इनके अनुसार ग्राम समुदाय एकाकी परिवारों से सम्बंधित तथा असंबंधित लोगों का समूह है”।


5. सेन्डरसन के अनुसार, “एक ग्रामीण समुदाय में स्थानीय क्षेत्र के लोगों की सामाजिक अंतःक्रिया और उनकी संस्थाएं सम्मिलित हैं जिसमे वह खेतों के चरों ओर बिखरी झोपड़ियों तथा पुरवा या ग्रामों में रहती हैं और उनकी सामान्य क्रियाओं का केंद्र है"।


6. सिम्स के अनुसार, “समाजशास्त्रियों में ग्रामीण समुदाय को ऐसे बड़े क्षेत्रों में रखने की प्रवृत्ति बढ़ रही है जिसमे समस्त अथवा अधिकतर प्रमुख मानवीय हितों की पूर्ती होती है। 


ग्रामीण समुदाय से सम्बंधित विचारकों के कथन -


1. एम. एन. श्रीनिवास “भारतीय गांवों की आत्मनिर्भरता एक मिथक है”।


2. एम. सी. दूबे "नियोजन के प्रयासों ने भारतीय गांवों को पतन के कगार पर खड़ा कर दिया है। उपर्युक्त परिभाषाओं तथा कथनों के आधार पर यह स्पष्टित होता है कि ग्रामीण समुदाय एक ऐसा समूह है जो अपनी आवश्यकताओं के सन्दर्भ में आत्मनिर्भर होता है जिससे अपने सदस्यों की मानवीय हितों की पूर्ती कर सके। इन आवश्यकताओं की पूर्ती के सन्दर्भ में यह समुदाय अपनी कुछ प्रमुख संस्थाओं द्वारा संचालित होता है। इस प्रकार्य के संपादन में ग्रामीण समुदाय कुछ विशेषताओं को भी धारित करता है