समाजशास्त्र की प्रत्यक्षवादी परंपरा का अमेरिका में विकास - Development of the Positivist Tradition of Sociology in America

 समाजशास्त्र की प्रत्यक्षवादी परंपरा का अमेरिका में विकास - Development of the Positivist Tradition of Sociology in America


प्रत्यक्षवादी परंपरा को सर्वाधिक स्वीकृति व इसका प्रसार अमेरिका में ही हुआ इस विषय की दो सबसे व्यापक रूप से उद्यूत पत्रिकाएं, अमेरिकन जर्नल आफ सोशियोलॉजी और अमेरिकन सोशियोलॉजिकल रिव्यू मुख्य रूप से प्रत्यक्षवादी परंपरा में अनुसंधान प्रकाशित करती है। जिसमें से ASR अधिक विविधता को दर्शाती है 20वीं सदी ने समाजशास्त्र में मात्रात्मक पद्धतियों के प्रयोग में सुधार दिखा। अनुदैर्ध्य अध्ययन के विकास ने, जो कई वर्षों अथवा दशकों के दौरान एक ही जनसंख्या का अनुसरण करती है, शोधकर्ताओं को लंबी अवधि की घटनाओं के अध्ययन में सक्षम बनाया और कार्य कारण सिद्धांत का निष्कर्ष निकालने के लिए शोधकर्ताओं की क्षमता में वृद्धि की। नए सर्वेक्षण तरीको द्वारा उत्पन्न समुच्चय डाटा के आकार में वृद्धि का अनुगमन इस डाटा के विश्लेषण के लिए नई सांख्यिकीय तकनीकों के अविष्कार में हुआ।

इस प्रकार के विश्लेषण आमतौर पर सांख्यिकीय साफ्टवेयर, संकुल जैसे SAS या SPSS की सहायता से किये जाते है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने सी राइट मिलन की प्रवृत्ति और उनके पॉवर एलीट के अध्ययन में उनके मुताबिक अधिक स्वतन्त्र अनुभवजन्य समाजशास्त्र का एक सूक्ष्म पुनुरूत्थान दिखायी देता है। 


अमेरिका में समाजशास्त्र का अकादमिक संस्थानीकरण


अमेरिका में गृहयुद्ध के उपरान्त वहा का समाज विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा था जिसने वहां के व्यक्तियों के विचारों को नई दिशा प्रदान की। सामाजिक संरचना के पूरी तरह ध्वस्त हो जाने के कारण वहां के विद्वानों के सामने यह चुनौती आ गयी कि समाज की मूलभूत समस्याओं के समाधान पर विचार किया जाये तथा सामाजिक संबंधों को एक बार फिर से पुननिर्मित किया जाये। ये समय था नये संबंधों के निर्माण व समाज के पुनर्गठन का।

परिणामस्वरूप 1865 में बोस्टन में अमेरिका सोशल साइंस एसोसियेशन की स्थापना होती है जो कि गृहयुद्ध के बाद उपजे सामाजिक विकृतियों संबंधी प्रश्नों के जवाब देता है। ये अमेरिका में ऐसा समय था जब स्नातक छात्रों की बाढ़ सी आ गयी थी लेकिन कोई भी स्नातक यहां की सामाजिक संरचना व परिस्थिति के कारण अमेरिका में रह कर अध्ययन अध्यापन नहीं करना चाहता था और सभी ने 1870 तक जर्मन विश्वविद्यालय को अपने अध्ययन का केन्द्र चुना।


तत्पश्चात् अमेरिका के शिकागों विश्वविद्यालय के प्रोफेसर स्माल ने अध्ययन अध्यापन शुरू किया। स्माल जर्मन विश्वविद्यालय के 15 शिक्षाविदों के साथ अमेरिका में सामाजिक अध्ययनों को एक नयी दिशा व नई ऊर्जा के साथ शुरू किया और जर्मन विश्वविद्यालय की शिक्षा व नवीन सिद्धान्तों को अमेरिका में विस्तारित किया। साथ ही सामाजिक अध्ययन में नई विधियों का भी उपयोग किया।

जिससे अमेरिकी छात्र बौद्धिक उत्तेजना के सम्पर्क में आये और सामाजिक विज्ञान का अध्यापन नये कलेवर में शुरू हुआ। अमेरिका में आंशिक रूप से समाज का अध्ययन की शुरूआत 1827 में फ्रांसिस लाइबर के आगमन से मानी जाती है जिन्होंने 1856 से 1860 तक कोलम्बिया विश्वविद्यालय में इतिहास, राजनति व अर्थशास्त्र विभाग की अध्यक्षता की और 1852 में Civil Liberty and Self Government' किताब की रचना की।