धूर्जटी प्रसाद मुखर्जी - Dhurjati Prasad Mukherjee
धूर्जटी प्रसाद मुखर्जी - Dhurjati Prasad Mukherjee
डी.पी. मुखर्जी भारत के प्रमुख संस्थापक समाजशास्त्री थे। वे सन् 1922 में लखनऊ विश्वविद्यालय के जुड़े और लम्बे समय तक आर. के. मुखर्जी के साथ किया। डी. पी. मुखर्जी मार्क्सवाद के समर्थक थे जिसके कारण उन्होंने भारतीय समाज के अध्ययन के लिए द्वन्द्वात्मक पद्धति का प्रयोग किया। इस भाग के अन्तर्गत डी.पी. मुखर्जी के जीवन परिचय के साथ-साथ उनके प्रमुख विचारों एवं कृतियों पर चर्चा की गयी है।
जीवन परिचय
डी. पी. मुखर्जी का जन्म 1864 में बंगाल के मध्यम वर्गीय ब्रह्ममण परिवार में हुआ था। उनकी शिक्षा-दीक्षा कलकत्ता में हुई थी। इन्होंने प्रारम्भ में इतिहास का अध्ययन किया, किंतु बाद में स्नातकोत्तर उपाधि अर्थशास्त्र विषय में प्राप्त की। सन् 1922 में वें लखनऊ विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र के लेक्चरर के पर नियुक्त हुए। वे मार्क्सवादी थे किंतु स्वयं को मार्क्सवादी के स्थान पर मार्क्सशास्त्री ' (माक्सोलोजिस्ट) कहलाना अधिक पसन्द करते थे। डॉ मुखर्जी परंपरावादी ब्रह्ममण परिवार से थे जिसका प्रभाव इनके विचारों पर स्पष्ट रूप से दिखायी पड़ता है। इन्होंने भारतीय समाज के अध्ययन के लिए परंपराओ के अध्ययन को आवश्यक बताया है।
भारत परंपरा और आधुनिकता के मध्य संघर्ष की द्वन्द्वात्मक व्याख्या कर इन्होंने भारतीय समाजशास्त्र में अपना विशेष स्थान बनाया है। इनका मानना है कि परंपरा तथा आधुनिकता, उपनिवेशवाद तथा राष्ट्रवाद, व्यक्तिवाद और समूहवाद में द्वन्द्वात्मक सम्बंध है। डॉ मुखर्जी के अनुसार सामाजिक विज्ञानों के अध्ययन को दृष्टिकोण पृथकतावादी न होकर समष्टिवादी होना चाहिए। वे आधुनिक सामाजिक विज्ञानों में आनुभविकता के माध्यम से प्रत्यक्षवाद के बढ़ते प्रभाव का भी विरोध करते है। वे कहते हैं कि प्रत्यक्षवाद व्यक्तिवाद पर अधिक बल देता है जो प्ररोक्ष रूप से मानवतावाद पर प्रहार है। लखनऊ विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त होने से एक वर्ष पूर्व सन् 1953 में उन्हें अलीगढ विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया। यहां वे पाँच वर्ष तक रहे। इसी काल में वे हेग के ‘अन्तर्राष्ट्रीय सामाजिक अध्ययन संस्थान में समाजशास्त्र के अतिथि आचार्य रूप में कार्य किया। डॉ मुखर्जी • भारतीय समाजशास्त्रीय परिषद' के संस्थापक सदस्यों में से थे।सन् 1962 में उनकी मृत्यु हो गयी।
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