सामाजिक स्तरीकरण एवं विभेदीकरण में अंतर - difference between social stratification and differentiation

 सामाजिक स्तरीकरण एवं विभेदीकरण में अंतर - difference between social stratification and differentiation


सामाजिक स्तरीकरण एवं विभेदीकरण दोनों ही समाज को विभिन्न समूहों में विभाजित करने की प्रक्रिया है। वे एक दूसरे की पूरक होते हुए भी परस्पर विभिन्नता लिए हुए हैं। इन दोनों में निम्नलिखित अंतर इस प्रकार हैं -


1. सामाजिक स्तरीकरण का उद्देश्य कुछ विशेष परिस्थितियों को धारण करने वाले व्यक्तियों को अधिक अधिकार, सुविधाएं एवं सुरक्षा प्रदान करना है। इसलिए यह एक जागरूक एवं जानबूझकर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया है। दूसरी ओर विभेदीकरण एक स्वतः एवं स्वाभाविक रूप से उत्पन्न होने वाली प्रक्रिया है। इसका विकास जानबूझकर योजनाबद्ध तरीके से नहीं किया जाता है।


2. सामाजिक विभेदीकरण में तो केवल व्यक्तियों एवं समूहों के बीच भिन्नता ज्ञात होती है स्तरीकरण से भिन्नता के साथ-साथ उच्चता, निम्रता, विशेषाधिकार सुविधाएं एवं अधीनता का ज्ञान भी होते है। 


3. सामाजिक विभेदीकरण के लिए समूहों का स्थाई होना आवश्यक नहीं जबकि स्तरीकरण में चिता और निम्रता के निर्धारण के लिए थाई समूहों का होना आवश्यक है।


4. सामाजिक विभेदीकरण स्पष्ट आधारों पर किया जाता है (जैसे, आयु एवं लिंग भेद) अतः यह एक सरल प्रक्रिया है। दूसरी ओर स्तरीकरण का आधार पक्षपात की भावना एवं सामाजिक प्रतिष्ठा है। जिन्हें ज्ञात करना सरल नहीं है, आता है यह एक जटिल प्रक्रिया है।


5 ओल्सन का मत है कि स्तरीकरण एक व्यक्ति प्रक्रिया है जबकि विभेदीकरण अव्यक्ति। स्तरीकरण में व्यक्ति दूसरे से प्रतिस्पर्धा, विरोध एवं संघर्ष करते हैं जबकि विभेदीकरण में व्यक्तियों में परस्पर भिन्नता होते हुए भी विरोध एवं संघर्ष नहीं पाया जाता है। उदाहरण के रूप में स्त्रियां पुरुषों से इस कारण विरोध प्रकट नहीं करती कि वह स्त्रियां है तथा बालक, युवा एवं वृद्ध लोगों से इसलिए रोष प्रकट करते हैं कि वह बालक हैं।


6. सामाजिक स्तरीकरण का संबंध उपयोगिता से है, इसके द्वारा योग्य व्यक्तियों को उच्च पद एवं अधिक सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। जबकि विभेदीकरण उपयोगिता के आधार पर नहीं किया जाता है। 


7. स्तरीकरण की तुलना में विभेदीकरण की प्रक्रिया अधिक प्राचीन है। पहले विभेदीकरण अस्तित्व में आया और उसके बाद ही स्तरीकरण प्रारंभ हुआ। सामाजिक स्तरीकरण एवं विभेदीकरण को हम चित्र द्वारा इस प्रकार प्रकट कर सकते हैं: