परिवार का अर्थ एवं परिभाषा - Family Meaning & Definition
परिवार का अर्थ एवं परिभाषा - Family Meaning & Definition
परिवार की परिभाषा करना एक कठिन कार्य है। डॉ प्रभु ने डनलेप के विचारों को संबोधित करते हुए लिखा है कि परिवार की मनमाने ढंग से परिभाषा करने के अतिरिक्त सार्वभौमिक ढंग से परिभाषा करना असंभव सा है। यह सत्य है कि इसके स्वरूपों में से एक प्रसिद्ध स्वरूप में, एक पुरुष और एक स्त्री अपने संयुक्त बच्चों सहित आते हैं जो अपने बच्चों की अवयस्कता की अवधि में एक ही निवास स्थान पर साथ साथ रहते हैं लेकिन इसके भी अनेक रूप भेद हैं। अतः बिना बच्चों वाले परिवार होते हैं या गोद लिए हुए बच्चों वाले परिवार होते हैं।ऐसे भी परिवार होते हैं जिनमें पुरुष का स्त्री और बच्चों से पृथक से निवास स्थान होता है या दादा-दादी, चाचा चाची, पोते-पोती सदस्य होते हैं, जिसमें एक से अधिक पत्नी या पति अथवा दोनों होते हैं या जिसमें विधवा माता और उसके बच्चे होते हैं या जिसमे एक माता और उसके गोद लिए हुए बच्चे होते हैं। स्पष्ट है कि परिवार के इन विविध रूपों को एक ही परिभाषा में समाविष्ट करना बड़ा कठिन कार्य है
फिर भी यह सर्वदा समाज की मूलभूत व मौलिक इकाई रही है। मर्ड पिक्चर हां राजेश जीक ने तो 250 से अधिक परिवारों का अध्ययन करके यह पाया की किसी भी समाज ऐसा नहीं था जिसमें परिवार रूपी संस्था अनुपस्थित हो।वर्गिस और लॉक ने लिखा है कि" एक परिवार उन व्यक्तियों का समूह है जो विवाह, रक्त अथवा गोद लेने के संबंधों में एक-दूसरे से बंधे रहते हैं, जो एक गृहस्थी का निर्माण करते हैं, जो पति पत्नी, पिता-माता, पुत्र-पुत्री और भाई बहन की निजी सामाजिक भूमिका में, एक-दूसरे के साथ अंतः क्रिया और अन्तःसंचार करते रहते हैं और जो एक सामान्य संस्कृति का निर्माण करते हैं और उसे बनाए रखते हैं। मैकाइवर और पेज ने लिखा है कि परिवार एक ऐसा समूह है जो सुनिश्चित और स्थाई यौन संबंधों द्वारा परिभाषित किया जाता है, जो बच्चों के प्रजनन एवं पालन पोषण के लिए अवसर प्रदान करता है।
इसमें सम्पशर्विक अथवा सहायक संबंधी भी हो सकते हैं, लेकिन इसका निर्माण पति-पत्नी के साथ रहने और बच्चों के साथ मिलकर एक विशिष्ट इकाई बनने से होता है।"
जूकरमेन लिखा है कि"एक परिवार समूह पुरुष स्वामी, उसकी स्त्री या स्त्रियों और उनके बच्चों से मिलकर बनता है और कभी-कभी इसमें एक या अधिक अविवाहित पुरुष भी सम्मिलित होते हैं।" बिसेन्ज और बिसेन्ज के अनुसार"परिवार की परिभाषा एक दृष्टिकोण से यह की जा सकती है कि एक स्त्री बच्चों के सहित और एक पुरुष उनके देख-रेख हेतू।"
मरडाक ने लिखा है कि परिवार एक ऐसा सामाजिक समूह है जिसमें सामान्य निवास, आर्थिक सहयोग और प्रजनन विशेषताओं के रूप में पाया जाता है। इसमें दोनों लिंगों के व्यस्क सम्मिलित होते हैं जिनमें से कम से कम दो में सामाजिक दृष्टि से स्वीकृत यौन संबंध होता है और यौन संबंधों में बंधे इन व्यस्को के स्वयं के अथवा गोद लिए हुए एक या अधिक बच्चे होते हैं।"
आगबर्न और निमकॉफ का कथन है कि "परिवार, बच्चों सहित अथवा बच्चों रहित पति और पत्नी या अकेले एक पुरुष अथवा स्त्री और बच्चों का लगभग एक स्थाई संघ है।" लूसी मेयर के अनुसार, "परिवार एक गृहस्थ समूह है अपने माता पिता और संतान साथ साथ रहते हैं इनके मूल रूप में दंपत्ति और उनकी आती है।" किंग्सले डेविस के अनुसार, "परिवार ऐसे व्यक्तियों का समूह है जो रक्त के आधार पर एक दूसरे से संबंधित हैं तथा जो एक दूसरे के संबंधी भी हैं।"
इन परिभाषाओं से ज्ञात होता है कि परिवार के अर्थ के संबंध में विद्वानों में एकमत नहीं है फिर भी इतना अवश्य कहा जा सकता है कि परिवार एक ऐसा सामाजिक समूह है जिसे सामान्य निवास, आर्थिक सहयोग एवं प्रजनन के आधार पर अन्य समूहों से अलग किया जा सकता है। परिवार के सदस्यों में से साधारणतः दो विषमलिंगी व्यक्तियों में यौन संबंध पाए जाते हैं और इनके स्वयं के अथवा गोद लिए हुए बच्चों के पालन-पोषण की निश्चित और स्थाई व्यवस्था होती हैं।
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