साधारण ,साधारण की विशेषताएं - Features of the Ordinary

साधारण ,साधारण की विशेषताएं - Features of the Ordinary

पवित्र के अर्थ और परिभाषा को स्पष्ट करने के बाद दुर्खीम ने साधारण वस्तुओं के अर्थ को स्पष्ट करने का प्रयास किया है। दुर्खीम के अनुसार साधारण वस्तु पवित्र वस्तुओं के विपरीत है। वे वस्तुएं जो पवित्र नहीं है साधारण है।


साधारण की विशेषताएं

1. साधारण वस्तुओं में उपयोगितावाद की विशेषताएं रहती है। इस कारण लोग इसे आर्थिक लाभ और हानि की दृष्टि से देखते हैं।


2. इन वस्तुओं को कभी भी धार्मिक शक्ति के साथ नहीं जोड़ा जाता। 


3. साधारण वस्तुओं को लोग तुलनात्मक दृष्टि से देखते हैं। इनका बाजार में सौदा किया जाता है। इनकी उपयोगिता तुलनात्मक रूप में देखी जाती है।


4. साधारण वस्तुओं के साथ तर्क और विवेक जुड़ा रहता है।


दुर्खीम ने अपनी पुस्तक 'Elementary Forms of Religious Life' में लिखा है समाज के सदस्य जिन्हें पवित्र समझते हैं उन्हें अपवित्र या साधारण से सदा दूर रखने का प्रयत्न करते हैं और इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए अनेक विश्वासों, आचरणों, संस्कारों और उत्सवों को जन्म देते हैं।” दुर्खीम के अनुसार “धर्म इन्हीं प्रयत्नो का परिणाम है, इन प्रयत्नों, विश्वासों, आचरण एवं संस्कारों आदि के पीछे संपूर्ण समाज की अभीमति एवं दबाव होता है। इसलिए समाज के सामूहिक सत्ता के सामने मानव को नतमस्तक होना पड़ता है। यहीं से धर्म की नीव पड़ती है।"