परिवार के प्रकार्य - Functions of Family

 परिवार के प्रकार्य - Functions of Family


परिवार समाज की मौलिक एवं सार्वभौमिक संस्था है। इस संबंध में इलियट और मैरिल ने लिखा है कि,"संस्था के विविध कार्य होते हैं, संभवत समस्त संस्थाओं में परिवार अत्यंत विविध कार्य वाली संस्था है।" परिवार के कार्यों को दो मुख्य भागों में बांटा जा सकता है प्रथम श्रेणी में सार्वभौमिक कार्य आते हैं जो प्रत्येक समाज और संस्कृति में पाए जाते हैं। यह कार्य परिवार के मौलिक और सार्वभौमिक कार्य कहलाते हैं तथा दूसरी श्रेणी में वह कार्य आते हैं जो विभिन्न संस्कृतियों में भिन्न-भिन्न होते हैं तथा जिनका निश्चय वहां की सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार होता है। यह कार्य परिवार के परंपरागत कार्य कहलाते हैं।