विज्ञानों के संस्तरण की व्याख्या - Interpretation of the sciences
विज्ञानों के संस्तरण की व्याख्या - Interpretation of the sciences
संक्षेप में कॉम्ट के विज्ञानों के संस्तरण की व्याख्या निम्नानुसार है
1. समाज में प्रथम और प्राचीन विज्ञान गणित है। यह एक स्वतंत्र विज्ञान है और किसी अन्य विज्ञान पर आश्रित नहीं है। गणित के बाद एवं गणित के आधार पर ही अन्य विज्ञानों का जन्म हुआ है।
2. समाज में अन्य विज्ञानों की शुरुआत गणित के बाद ही हुई है। जैसे की खगोलशास्त्र, भौतिकशास्त्र, रसायनशास्त्र, जीवशास्त्र और समाजशास्त्र गणित के बाद आने वाले सभी विज्ञान इसी पर आश्रित होते हैं। विज्ञान अपने नियमों की परीक्षा के लिए गणित की सहायता लेते हैं।
3. विज्ञानों के संस्तरण में प्रथम स्थान पर गणित और छठवें स्थान पर समाजशास्त्र है। क्योंकि यह नवीनतम विज्ञान है और यह अन्य सभी विज्ञानों पर आश्रित है। अगस्त कॉम्ट ने समाजशास्त्र को विज्ञानों की श्रेणी में इसलिए स्थान दिया क्योंकि इसकी विधि प्रत्यक्षवादी है। वैज्ञानिक किसी भी विज्ञान को प्रत्यक्षवादी कहते हैं तो इसका तात्पर्य होता है कि यह विज्ञान निश्चित है। औपचारिक है और इसकी व्याख्या स्पष्ट है। इसमें निहित जो ज्ञान है वह निरपेक्ष है और इसमें विवाद की कोई गुंजाइश नहीं है। इन्हीं तीनों मान्यताओं के आधार पर विज्ञानों के संत्रतरण को प्रस्तुत किया है।
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