सामाजिक पुनर्निर्माण का आधार - Major Means of Social Reconstruction
सामाजिक पुनर्निर्माण का आधार - Major Means of Social Reconstruction
कॉम्ट ने सामाजिक पुनर्निर्माण में नैतिकता को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है, आर्थिक एवं राजनीतिक कार्यों को नहीं। उनके अनुसार नियमों का विकास ही सामाजिक पुनर्निर्माण का आधार है। इसके लिए आवश्यक है की नैतिक शिक्षा, आध्यात्मिक शक्ति की स्थापना पर निर्भर हो। कॉम्ट के समय में समाजवादी विचार चल रहे थे। उस समय के विचारकों का कहना था कि शासन की संपूर्ण व्यवस्था राज्य के हाथों में आ जानी चाहिए। कुछ विचारको का मानना था कि इस प्रकार के कानून बनाए जाएं जिससे श्रमिक वर्ग का इस तरह से पालन पोषण हो जैसे एक पिता अपने पुत्र का करता है।
उनका मत था कि राजनीतिक एवं आर्थिक उपायों से पूंजीपति एवं श्रमिकों के बीच के झगड़ों को नहीं निपटाया जा सकता। उनके अनुसार राजनीतिक प्रतिबंधों के द्वारा पूंजी का कुछ व्यक्तियों के हाथों में होने वाले विकेंद्रीकरण को रोका जा सकता है पर ऐसा करने से भी पूंजीपति पूंजी का विनियोग बंद कर देंगे। इससे औद्योगिक विकास प्रभावित होगा और झगड़ों का अंत भी नहीं होगा।
दूसरा उपाय है, ऐसे कानून बनाना जिससे पूंजीपति कुछ सीमा तक पूंजी अपने पास रखें और उनके आगे की कमाई राज्य के पास चली जाए। जैसे अतिरिक्त टैक्स लगाना, श्रमिकों की कमाई का हिस्सा श्रमिकों के बीच बंटवारा आदि पर यहां पर पूंजीपति धोखा देकर अपनी कमाई को छुपाएंगे एवं कर देने से बचने का प्रयास करेंगे। श्रमिकों के बीच आय का बंटवारा न हो। इसलिए आय भी कम दिखाएंगे तो फिर इस समस्या का समाधान क्या है? कॉम्ट कहते हैं कि जब तक पूंजीपतियों में सामाजिक नैतिकता Social Morelity), औद्योगिक नैतिकता (Industrial Morality), की भावना पैदा नहीं होती, तब तक इस समस्या का समाधान नहीं हो सकता। यदि पूंजीपति और श्रमिक वर्ग न्याय परस्पर सहयोग और नैतिक नियमों के आधार पर चलेंगे तो शोषण व वर्ग संघर्ष समाप्त हो जाएगा। कॉम्ट के अनुसार आधुनिक व्यवस्था का सामाजीकरण राजनीतिक उपायों की तुलना में नैतिक उपायों पर अधिक निर्भर करता है, किंतु वर्तमान पूंजीवादी व्यवस्था में नैतिक नियमों की स्थापना न होने के कारण व्यक्तिगत स्वार्थ एवं आर्थिक उद्देश्य पूरी औद्योगिक व्यवस्था को संचालित कर रहे हैं। इसलिए पूंजीपतियों एवं श्रमिकों के बीच तनाव की स्थिति देखने को मिलती है। इससे मुक्ति पाने के लिए सामाजिक पुनर्निर्माण की आवश्यकता है। कॉम्ट का कहना है कि सामाजिक पुनर्निर्माण करते हुए पूंजीवाद को नष्ट नहीं करना है। हमें पूंजीपतियों को सार्वजनिक संपत्ति का नैतिक रक्षक बना देना है (Moral Guardian of The Public Capital)| इस प्रकार का समाज कैसे बनेगा? इसके लिए कॉम्ट ने एक योजना बनाई, उसी योजना को सामाजिक पुनर्निर्माण की योजना कहा जाता है।
वार्तालाप में शामिल हों