सामाजिक समूह का अर्थ , परिभाषाएं - Meaning and definitions of social group

 सामाजिक समूह का अर्थ , परिभाषाएं - Meaning and definitions of social group


सभ्यता के आरम्भ से ही मनुष्य किसी न किसी प्रकार से समूहों में रहता आया है। मनुष्य के समूह


निर्माण को इस प्रकृति को विचारकों ने मुख्यतः तीन आधारों पर विश्लेषित किया है - 


1. कुछ विचारकों का मानना है कि मनुष्य का जीवन बहुआयामी है जिससे उसकी आवश्यकता भी असीमित है, जिन्हें वह स्वयं में पूरा करने में सक्षम नहीं होता। अतः इन आवश्यकताओं की पूर्ती के सन्दर्भ में वह समूहों का निर्माण करता है।


2. चूँकि मनुष्य अपने आरंभिक जीवन में अत्यंत निरीह अवस्था में रहता है, जब उसे अपने भौतिक अस्तित्वा की सुरक्षा हेतु अन्य लोगों के सहयोग की आवश्यकता होती है साथ ही उसके समुचित जीवन यापन के लिए सुरक्षा की भावना की आवश्यकता जीवन पर्यन्त पड़ती है, जिससे वशीभूत हो वह सामजिक समूह का निर्माण करता है।


3. अधिकाश विचारकों का यह मत है कि मनुष्य सामूहिक जीवन इसलिए व्यतीत करता है क्योंकि उसमे समुहशीलता की प्रवृत्ति (Gregarious Instinct) मिलती है।


किन्तु कारण चाहे जो भी हो मनुष्य के सामाजिक जीवन में समूह से अधिक महत्वपूर्ण व्यवस्था शायद ही कोई हो। इसलिए बोगार्डस, जानसन, नॉब, हाइन तथा फ्लेविन जैसे विचारकों ने समाजशास्त्र को सामाजिक समूह के अध्ययन का विज्ञान बताया है।


सामाजिक समूह की परिभाषाएं


1. विलियम्स (Williams) के अनुसार, “एक सामाजिक समूह लोगों का समुच्चय है जो अंतर्संबंधित भूमिका करते हुए तथा अंतर्क्रिया की एक इकाई के रूप में स्वयं तथा दूसरों के द्वारा मान्य होता है”।


2. राबर्टन मर्टन (Robert Merton) के अनुसार, “समूह की समाजशास्त्रीय अवधारणा मनुष्यों की एक संख्या का संकेत करती है जो एक दूसरे से स्थापित प्रतिमानों के अनुसार अंतर्क्रिया करते हैं।


3. न्यूकॉम्ब के अनुसार, “दो या दो से अधिक ऐसे व्यक्तियों के समूह को कहा जाता है जो कुछ चीजों के बारे में आदर्शमानकों में हिस्सा बांटते हैं तथा जिनकी सामाजिक भूमिकाएं घनिष्ठ रूप से अंतर्बद्ध है।


4. इ.एस. बोगार्डस ने अपने पुस्तक सोशिओलाजी में उचित ही लिखा है कि “सामाजिक समूह से हम ऐसे व्यक्तियों की एक संख्या से अर्थ लगा सकते हैं, जिनकी सामान्य अभिरुचियाँ होती हैं जो एक-दूसरे को प्रेरित करती हैं, जिनमें सामान्य रूप से स्वामिभक्ति होती है और जो सामान्य कार्यों में भाग लेते हैं।