प्रत्यक्षवाद का अर्थ - Meaning of Positivism

 प्रत्यक्षवाद का अर्थ - Meaning of Positivism


प्रत्यक्षवादियों की मान्यता है कि मानव व्यवहार का एक विज्ञान संभव है। भौतिकशास्त्र, रसायनशास्त्र तथा जीवशास्त्र के समान ही समाजशास्त्र को वैज्ञानिक स्थिति प्राप्त करने का पूरा अधिकार है। अगस्त कॉम्ट ने कहा था कि सामाजिक जगत का व्यवहार उन्हीं नियमों के आधार पर निर्देशित होता है जिनके आधार पर प्राकृतिक जगत का व्यवहार निर्देशित होता है। इसलिए समाजशास्त्री सामाजिक शोध के लिए प्रकृतिक विज्ञानों की शोध पद्धति का ही प्रयोग करते हैं। मानव के अध्ययन के लिए प्रयुक्त की जाने वाली इस पद्धति या उपागम को प्रत्यक्षवाद के नाम से पुकारा जाता है


विभिन्न विद्वानों ने प्रत्यक्षवाद की निम्नलिखित परिभाषाएँ दी हैं


रेमंड एरन के अनुसार प्रत्यक्षवाद का संबंध घटनाओं के निरीक्षण उनके विश्लेषण तथा उनके पारस्परिक संबंधों को नियमित करने वाले नियमों की खोज करने से है।”

डॉन माटिंडल के अनुसार “ प्रत्यक्षवाद चिंतन जगत का वह आंदोलन है, जो जगत की व्याख्या पूर्ण रूपेण अनुभव के आधार पर करता है।"


रोलिंन चौबलिस के अनुसार प्रत्यक्षवाद का संबंध कृत्रिम की अपेक्षा वास्तविक जगत से है, समस्त ज्ञान की अपेक्षा उपयोगी ज्ञान से है, तथ्यों से है, जिनका किसी निश्चित अंश तक अवलोकन संभव है। यह विस्तृत अस्पष्ट भावों की अपेक्षा सदा परिवर्तित चेतना, सत्य, निरपेक्ष की अपेक्षा सापेक्ष से संबंधित है। प्रत्यक्षवाद सहानुभूति पूर्ण है। जिसमें यह उन सभी को सह संबंध में संकलित कर लेता है जो इसकी भावना एवं पद्धति का प्रयोग करते हैं। प्रत्यक्षवाद विचार की एक प्रणाली है, जो सार्वभौमिक रूप से स्वीकार की जाती है।