आत्महत्या का अर्थ - Meaning of Suicide

 आत्महत्या का अर्थ - Meaning of Suicide


आत्महत्या पलायनवाद की अति है। जीवन की समस्याओं का डटकर सामना करने के स्थान पर भागना अथवा उनसे हार मान लेना निश्चय ही कायरता है और कायरता निम्न कोटि की आत्महत्या व्यक्तिगत विघटन का अति घृणित और भयंकर रूप है, जिसमें व्यक्ति नियति के साथ अपनी इच्छा से अपनी आत्मा का हनन करता है। जब व्यक्ति अपनी समस्याओं का समाधान करने में असफल हो जाता है तो वह आत्महत्या के द्वारा अपनी समस्याओं पर सफलता प्राप्त करने का प्रयास करता है। हम अक्सर सुनते हैं कि व्यक्ति मौत से डरता है किंतु समाज में बढ़ती हुई आत्महत्या यह सिद्ध कर रही है कि व्यक्ति जीवन से डरता है। जब व्यक्ति जीवन की वास्तविकता और समस्याओं से डरकर अपने जीवन को समाप्त कर लेता है तो उसे आत्महत्या कहते हैं। दुर्खीम अपनी विश्लेषण पद्धति का अनुसरण करते हुए सबसे पहले आत्महत्या को परिभाषित करने का प्रयास करते हैं। सामान्य अर्थों में जीवन को समाप्त करना आत्महत्या कहलाता है।

आत्महत्या भी साधारण बोलचाल की भाषा में एक शब्द। दुर्खीम के अनुसार सामान्यतः यह समझा जाता है कि आत्महत्या एक हिंसात्मक कार्य है, जिसमें कुछ शारीरिक शक्ति का प्रयोग करके प्राणांत किया जाता है पर यह भी हो सकता है कि एक विशुद्ध नकारात्मक मनोवृत्ति या केवल कार्य निवृत्ति से भी वही परिणाम हो सकते हैं, उदाहरण के लिए खाना खाने से इनकार करना भी उतना ही आत्मघाती हो सकता है जितना कि एक चाकू या पिस्तौल से स्वयं का आत्म विनाश करना।" दुर्खीम इसे और अधिक स्पष्ट करते हुए कहते हैं कि “आत्महत्या शब्द का प्रयोग ऐसी किसी भी मृत्यु के लिए किया जाता है जो स्वयं मृतक के द्वारा किए गए। किसी सकारात्मक या नकारात्मक कार्य का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष परिणाम है।" दुखम के अनुसार मृत्यु के कारण हमारे बाहर है न कि हमारे अंदर। यह तभी तक प्रभावशाली होते हैं जब तक कि हम उनके कार्य में हस्तक्षेप करते है। आत्महत्या में व्यक्ति अपने जीवन को त्यागने का निर्णय कर लेता है। दुर्खीम के अनुसार वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आत्महत्या हम उसे कहेंगे जिसमें व्यक्ति आत्महत्या करना निश्चित कर लेता है। जिसमें व्यक्ति के द्वारा जीवन के त्याग करने की इच्छा निहित हो।