घटती हुई सामान्यता और बढ़ती हुई जटिलता का सिद्धांत - The principle of decreasing generality and increasing complexity
घटती हुई सामान्यता और बढ़ती हुई जटिलता का सिद्धांत - The principle of decreasing generality and increasing complexity
कॉम्ट के अनुसार विज्ञानों का विकास एक विशेष क्रम से होता है और वह क्रम है घटती हुई सामान्यता और बढ़ती हुई जटिलता है। कॉम्ट का कहना है कि जैसे-जैसे नवीन विज्ञान का विकास होता है वैसे-वैसे उस विज्ञान के अध्ययन वस्तु क्रमशः कम सामान्य और अधिक जटिल होती जाती है। कॉम्ट के वर्गीकरण के सिद्धांत के अनुसार एक विज्ञान के अध्ययन वस्तु जिस प्रकार की होती है उसीके अनुसार उस विज्ञान की अन्य विज्ञानों पर निर्भरता तथा विज्ञानों के संस्तरण में उसका स्थान निश्चित होता है। अध्ययन वस्तु जितनी विशिष्ट तथा जटिल होगी उस विज्ञान की अपने से पहले वाले विज्ञान पर निर्भरता और पराश्वेता उतनी ही अधिक बढ़ती जाएगी। इस प्रकार कहा जा सकता है कि पहला विज्ञान वह है जो सबसे सरल विषय घटनाओं का अध्ययन करता है और जो घटना सबसे अधिक सरल है वह सबसे अधिक सामान्य भी होती है। सामान्य का अर्थ यह है कि वह सब जगहों पर विद्यमान है। इस प्रकार सबसे प्रथम विज्ञान सबसे अधिक सामान्य और सबसे कम जटिल घटनाओं या विषयों से संबंधित होता है।
इस तथ्य का मूल रहस्य है कि यदि घटनाएं सरल प्रकृति की हैं तो उनका अध्ययन भी सरल होगा। सरल घटनाओं का अध्ययन इसलिए सरल है।
क्योंकि वह सामान्य प्रकृति होती हैं। स्वयं कॉम्ट कहते हैं कि सर्वाधिक सरल घटनाएं सर्वाधिक सामान्य होती हैं। सामान्य इस अर्थ में कि वे प्रत्येक स्थान पर उपस्थित होती हैं।”
कॉम्ट का कथन है कि प्रथम विज्ञान के बाद जिन अन्य विज्ञानों का विकास हुआ उनका अध्ययन विषय क्रमशः कम सामान्य और अधिक जटिल होता गया। इस प्रकार दूसरा विज्ञान प्रथम विज्ञान से अधिक जटिल विषय वस्तु से संबंधित होता है और तीसरा विज्ञान दूसरे विज्ञान से कम सामान्य और अधिक जटिल विषय से संबंधित होता है।
यही क्रम निरंतर चलता रहता है। विज्ञानों के विकास के क्रम में चूँकि प्रत्येक विज्ञान का अध्ययन विषय निरंतर जटिल होता जाता है। इस कारण प्रत्येक विज्ञान अपने से पहले के विज्ञान विज्ञान की खोजों निष्कर्षों और सिद्धांतों पर अधिक निर्भर होता जाता है अर्थात उसकी पराश्रयता में क्रमशः वृद्धि होती जाती है। इस तरह प्रत्येक विज्ञान अपने से पहले के विज्ञान या विज्ञानों पर आधारित रहते हुए अगले विज्ञान के लिए आधार प्रस्तुत करता है। प्रत्येक विज्ञान अपने पहले विज्ञान या विज्ञानों पर केवल निर्भर ही नहीं रहता बल्कि वह पिछले विज्ञान या विज्ञानों को अपनी खोजों से सींचता एवं समृद्ध बनाता है तथा सर्वाधिक जटिल एवं विशिष्ट विज्ञानों के क्रम में हमेशा अंत में रहता है। कॉम्ट समाजशास्त्र को भौतिक एवं प्राकृतिक विज्ञानों की श्रेणी में रखना चाहते थे इसलिए अन्य विज्ञानों की तुलना में वे इसे ज्यादा महत्वपूर्ण बनाने के लिए सदैव प्रयत्नशील रहे।
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