सामाजिक मानवविज्ञान एक शाखा के रूप में - Social Anthropology as a Branch

 सामाजिक मानवविज्ञान एक शाखा के रूप में - Social Anthropology as a Branch


मानवविज्ञान कि चार शाखाओं में से एक सामाजिक मानवविज्ञान के अंतर्गत मानव के सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता और उनके कारकों का अध्ययन किया जाता है, वे कारक आर्थिक, राजनीतिक, पर्यावरणीय, सामाजिक भूमिकाएँ, नातेदारी, सामाजिक परिवर्तन, सांस्कृतिक पहचान, वर्चस्व के सांस्कृतिक आयाम और सांस्कृतिक ज्ञान हो सकते हैं।

सरल शब्दों में कहा जाये तो सामाजिक मानवविज्ञान, मानवविज्ञान कि वह शाखा है जिसके अंतर्गत मानव के सामाजिक आयाम का मानव के उद्भव से लेकर वर्तमान तक का वैज्ञानिक अध्ययन है। सामाजिक मानवविज्ञान, मानवविज्ञान की एक महत्वपूर्ण शाखा होने के साथ-साथ इसका संबंध जीवित लोगों के सामाजिक, सांस्कृतिक और लोगों के जीवन और परंपराएं के विवरण और विश्लेषण से है (पोडोलेस्की और ब्राउन, 1997)। सामाजिक मानवविज्ञान संस्कृति की अवधारणा को अपने केन्द्र में रख कर समकालीन और ऐतिहासिक मानव समाजों का अध्ययन करते हैं ( हावर्ड और ड्यूनिफ-हटिस, 1992 ) मानवविज्ञानी जिन लोगों का अध्ययन करते हैं, उन लोगों के बीच क्षेत्रकार्य करते हैं

और अपने अन्वेषणों के परिणामों का नृजातीयवर्णन (ethnography) करते हैं। सामाजिक मानवविज्ञान का संबंध विश्व के समाजों के बीच समानता और विभिन्नता के विश्लेषण से है। इन सैद्धांतिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए तुलनात्मक अध्ययन जरुरी है और ऐसे मानवविज्ञानियों को इथनोलोजिस्ट (ethnologists) कहा जाता है। इस प्रकार, सामाजिक मानवविज्ञान के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं 'नृजातीयवर्णन' (ethnography) और इथनोलोजि (ethnology)| जहाँ 'नृजातीयवर्णन अनुभवजन्य अध्ययन या संस्कृति और जीवन के तरीकों के वर्णन है और इथनोलोजि अतीत या वर्तमान के विभिन्न समाजों में पाई जाने वाली समानता और विवधता का सैद्धांतिक अध्ययन है। इसके अतिरिक्त सामाजिक मानवविज्ञान कई अन्य विशिष्ट विषय अध्ययन के क्षेत्र हैं। इनमें से कुछ हैं: कला, चिकित्सा का मानवविज्ञान, शहरी/ग्रामीण, आर्थिक मानवविज्ञान, राजनीतिक मानवविज्ञान, विकासीय मानवविज्ञान, धर्म का मानवविज्ञान, कानूनी मानवविज्ञान, जनसांख्यिकीय मानवविज्ञान, पारिस्थितिक मानवविज्ञान, मनोवैज्ञानिक मानवविज्ञान आदि।


सामाजिक मानवविज्ञान शब्द का उपयोग आमतौर पर ग्रेट ब्रिटेन और अन्य सामान्य राष्ट्रों में किया जाता है। प्रो. क्लाउड लेवी-स्ट्रॉस के समर्थन के साथ, यह शब्द भी बड़े पैमाने पर है फ्रांस, नीदरलैंड और स्कैंडिनेवियाई देशों में उपयोग किया जाता है। सामाजिक मानवविज्ञान संयुक्त राज्य अमेरिका, इंग्लैंड और अन्य देशों में विभिन्न अर्थों को संदर्भित करता है। यूरोपीय महाद्वीप में इसलिए, हम अक्सर सामाजिक शब्द को विविध प्रकृति से संदर्भित करते हैं। ग्रेट ब्रिटेन में मानवविज्ञान शारीरिक मानवविज्ञान को संदर्भित करता है जो मानव के जैविक पहलू का अध्ययन करता है। इंग्लैंड में सामाजिक मानवविज्ञान यूरोपीय महाद्वीप के अन्य देशों की तरह समाजशास्त्र के रूप में समझा जाता है। संक्षेप में, यूरोप में ही सामाजिक मानवविज्ञान के दो अलग-अलग अर्थ हैं। पर संयुक्त राज्य अमेरिका में, सामाजिक मानवविज्ञान को बड़ा और व्यापक अनुशासन माना जाता है। इसमें विभिन्न पहलुओं से मनुष्य के अध्ययन को शामिल किया गया है। यह न केवल मानव को सामाजिक प्राणी मानता है अपितु उसके सांस्कृतिक पहलू पर भी जोर देता है।


उन्नीसवीं सदी में, 'इथनोलोजि (ethnology)' शब्द का प्रयोग होता था न कि सामाजिक मानवविज्ञान। 'इथनोलोजि (ethnology)' को नृजातीय समूहों के विविध व्यवहार का अध्ययन कहा जाता था। सांस्कृतिक विभिन्नता इस तरह के अध्ययन का एक प्रमुख हिस्सा था। इसके साथ ही, इसमें संस्कृति परिवर्तन का भी अध्ययन किया जाता था। कभी-कभी, मानवविज्ञान के संदर्भ में सामाजिक मानवविज्ञान को परिभाषित किया जाता है। वह मानवविज्ञानी, जो सामाजिक संबंधों जैसे कि परिवार, नातेदारी, उम्र समूह, राजनीतिक संगठन, कानून और आर्थिक गतिविधियां (जिसे सामाजिक संरचना कहा जाता है) पर ध्यान केंद्रित करते हैं उन्हें सामाजिक मानवविज्ञानि कहा जाता है।