सामाजिक तथ्य पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित , सार्वभौमिकता - Social facts transferred from generation to generation, universality

 सामाजिक तथ्य पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित , सार्वभौमिकता - Social facts transferred from generation to generation, universality


तथ्यों की ऐतिहासिकता, निरंतरता एवं उसमें उत्पन्न होने वाले सामाजिक समाजीकरण के द्वारा होता है। यह सामाजिकरण औपचारिक भी होता है और अनौपचारिक भी। जैसे शिक्षा एक ऐसा साधन है जिसके माध्यम से सामाजिक तथ्यों का संचरण पीढ़ी-दर-पीढ़ी होता है उसी तरह समाज के कुछ परंपरागत, कानून एवं रीति-रिवाज अनौपचारिक शिक्षा के कारण व्यक्ति के जीवन में अपने आप उतर जाते हैं, समाहित हो जाते हैं, सिखाया जाता है, फिर व्यक्ति की आदत में सम्मिलित होते हैं, बाद में भी व्यक्ति के जीवन का अंग बन जाते हैं और पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होते रहते हैं।


सार्वभौमिकता

सामाजिक तथ्य सार्वभौमिक होते हैं। आदिम समाज से लेकर आधुनिक समाज में पाए जाते हैं। कुछ समाजों में सामाजिक तथ्यों की बाध्यता लचीली हो सकती है, यह अस्थाई हो सकती है, पर हालांकि हर नवीन पीढ़ी सामाजिक तथ्यों का सृजन करती है। देश में हर आने वाली पीढ़ी के लिए इन सामाजिक तथ्यों की बाध्यता एवं बाह्यता दोनों ही बढ़ जाती है।