संकृति की समाजशास्त्रीय परिभाषा - sociological definition of culture
संकृति की समाजशास्त्रीय परिभाषा - sociological definition of culture
मजूमदार एवं मदानः- लोगों के जीने के ढंग को संस्कृति मानते हैं
टायलर:- संस्कृति व समग्र जटिलता है जिसमें ज्ञान, विश्वास, कला, आचार्य, कानून तथा ऐसी ही अन्य क्षमताओं एवं आदातों का समावेश है जो मनुष्य समाज का एक सदस्य होने के नाते प्राप्त करता है।
हर्सकोविट्सः- इन्होंने ने संस्कृति को पर्यावरण व मानव निर्मित बताया अर्थात् सम्पूर्ण पर्यावरण संस्कृति नहीं है साथ ही पर्यावरण में से मनुष्य ने जो भी कुछ बनाया वह संस्कृति है अर्थात् संस्कृति पर्यावरण का मानव निर्मित भाग है।
टॉलकाँट पारसन्सः- इन्होंने अपनी पुस्तक ज्ीम वबपंस पैलेजमउ में संस्कृति को एक ऐसे पर्यावरण के रूप में परिभाषित किया जो मानव क्रियाओं के निर्माण में मौलिक हैं इसका तात्पर्य है कि संस्कृति मानव के व्यक्तित्व एवं क्रियाओं का निर्धारण करती है।
मैकाइबर एवं पेजः- ‘‘संस्कृति मूल्यों, शैलियों, भावनात्मक लगावों, बौद्धिक अभियानों का संस्सार है इसलिये संस्कृति का प्रतिवाद है। संस्कृति हमारे रहने और सोचने के ढंगों, कार्य कलापों, कला, साहित्य, धर्म, मनोरंजन और आनन्द में हमारी प्रकृति की अभिव्यक्ति है।"
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