भारत में समाजशास्त्रीय चिंतन के विकास की प्रवृत्तियाँ - Trends in Development of Sociological Thought in India
भारत में समाजशास्त्रीय चिंतन के विकास की प्रवृत्तियाँ - Trends in Development of Sociological Thought in India
समाजशास्त्र के अनौपचारिक, औपचारिक उद्भव एवं विकास का ऐतिहासिक आधार पर अध्ययन के साथ-साथ वर्तमान भारत में समाजशास्त्र के विकास से सम्बन्धित प्रवृत्तियों को समझना आवश्यक है। बहुत से समाजशास्त्री पूर्णतया पश्चिमी सिंद्धान्तों के आधार पर भारत में भी समाजशास्त्रीय सिद्धान्तों को विकसित करना चाहते वहीं कुछ समाजशास्त्री भारत में समाजशास्त्र का विकास भारतीय सामाजिक परिपेक्ष्य के आधार पर करना चाहते हैं। भारत में समाजशास्त्र के विकास की एक अन्य विचारधारा वाले समाजशास्त्री चाहते है कि भारत में समाजशास्त्र का विकास भारतीय एवं पश्चिमी विचारधारा के समन्वय के आधार पर हो।
वार्तालाप में शामिल हों