सामाजिक गतिशीलता के प्रकार - types of social mobility
सामाजिक गतिशीलता के प्रकार - types of social mobility
जहां तक सामाजिक गतिशीलता के प्रकार का सवाल है पी.ए. सोरोकिन ने विशुद्ध रूप से स्पष्ट किया है। इन्होंने सामाजिक गतिशीलता को दो मुख्य भागों में बांटा है-
A. समतल या क्षैतिज सामाजिक गतिशीलता (Horizontal Social Mobility)
B. उदग्र सामाजिक गतिशीलता (Vertical Social Mobility)
उदग्र सामाजिक गतिशीलता को 2 भागों में बांटा है
a. आरोही या ऊर्ध्वगामी उदग्र सामाजिक गतिशीलता (Ascending Vertical Social Mobility) b. अवरोही या अधोगामी उदग्र सामाजिक गतिशीलता (Descending Vertical Social Mobility)
1. समतल या क्षैतिज सामाजिक गतिशीलता (Horizontal Social Mobility) - सोरोकिन का कहना है कि "क्षैतिज सामाजिक गतिशीलता या स्थानांतरण से मेरा अभिप्राय एक व्यक्ति अथवा सामाजिक वस्तु का एक सामाजिक समूह से समान स्तर पर दूसरे में परिवर्तन है।
इस कथन से स्पष्ट होता है कि एक व्यक्ति या वस्तु का सामान स्तर वाले समूहों या स्थानों में स्थानांतरण होना समतल सामाजिक गतिशीलता है। उदाहरणस्वरुप एक क्लर्क का एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर में सामान स्तर पर तबादला, एक अधिकारी का दूसरे शहर में समान स्तर पर तबादला, एक कॉलेज शिक्षक का दूसरे कॉलेज में समान स्तर पर तबादला। यह सभी क्षैतिज सामाजिक गतिशीलता के उदाहरण हैं।
2. उदग्र सामाजिक गतिशीलता (Vertical Social Mobility) - सोरोकिन के अनुसार "उदग्र सामाजिक गतिशीलता से मेरा अभिप्राय एक सामाजिक स्तर से दूसरे में एक व्यक्ति (अथवा सामाजिक वस्तु) के परिवर्तन में निहित संबंधों से है। इस कथन से स्पष्ट है कि जब किसी व्यक्ति या सामाजिक वस्तु का परिवर्तन सामाजिक स्थिति से उच्च सामाजिक स्थिति में या उच्च से निम्न में होता है, तो उसे ही उदग्र सामाजिक गतिशीलता कहा जाता है। जैसे- एक बेरोजगार युवक को नौकरी मिलना, नेता का मंत्री बन जाना, एक धनी व्यक्ति का निर्धन हो जाना।
1. आरोही या ऊर्ध्वगामी उदग्र सामाजिक गतिशीलता (Ascending Vertical Social Mobility)- जब किसी व्यक्ति या सामाजिक वस्तु का स्थानांतरण निम्न स्तर से उच्च सामाजिक स्तर में होता है, तो उसे आरोही उदग्र सामाजिक गतिशीलता कहा जाता है। जैसे एक स्कूल शिक्षक का प्रिंसिपल हो जाना, एक असिस्टेंट प्रोफेसर का प्रोफेसर हो जाना।
2 अवरोही या अधोगामी उदग्र सामाजिक गतिशीलता (Descending Vertical Social Mobility)- जब किसी व्यक्ति या सामाजिक वस्तु का स्थानांतरण उच्च सामाजिक स्तर से निम्न सामाजिक स्तर में होता है, तो उसे ही अवरोही उदग्र सामाजिक गतिशीलता कहा जाता है। जैसे- एक धनी व्यक्ति का गरीब होना, एक अधिकारी का क्लर्क हो जाना।
इस प्रकार सामाजिक गतिशीलता सामान स्तर पर, निम्न स्तर से उच्च स्तर पर, उच्च स्तर से निम्न स्तर पर देखा जाता है। इसी के आधार पर इसके प्रकारों को स्पष्ट किया जाता है।
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