संस्कृति के सार्वभौम तत्व - universal elements of culture
संस्कृति के सार्वभौम तत्व - universal elements of culture
क्लार्क विसलर ने मानव जाति के प्रत्येक समूह की संस्कृति में कुछ सार्वभौम तत्व माने है जैसे-(1) बोली, (2) पार्थिव उपकरण (3) कलाएँ (4) पौराणिक और वैज्ञानिक ज्ञान (5) धार्मिक रीतियाँ और अन्ध विश्वास (6) कुटुम्ब एवं विवाह (7) समाजिक नियंत्रण खेलकूद जैसी समाजिक संस्थाएं (8) सम्पत्ति मूल्य, विनिमय और व्यापार (9) सरकार और विधि (10) युद्ध
संस्कृतिक के ये सार्वभौम तत्व सभी संस्कृतियों में पाये जाते हैं, परन्तु इनके रूप भिन्न-भिन्न होते हैं भिन्न-भिन्न समाजों में विवाह के भिन्न-भिन्न रूप पाये जाते है जैसे- बहुपति विवाह, बहुपत्नी विवाह, समूह विवाह, एक विवाह आदि। खानपान में भिन्न-भिन्न संस्कृतियों में भारी भेद दिखाई देता है। जैसे- दक्षिण पूर्व एशिया की कुछ जातियों के लोग कोबरा आदि विषैले साँपों और अजगर की कढ़ी बड़े शौक से खाते हैं। वहीं पश्चिमी अमेजन प्रदेश के लोग बन्दर, मेढ़क और छिपकली को बड़ा स्वादिष्ट भोजन समझते है।
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