राष्ट्रिय शिक्षा आयोग (1964-66) - National Education Commission (1964-66)

  राष्ट्रिय शिक्षा आयोग (1964-66) - National Education Commission (1964-66)


आयोग के अनुसार राज्य को तटस्थ दृष्टिकोण को स्वीकृत किया एवं धार्मिक शिक्षा की आवश्यकता जताई है। आयोग के अनुसार धार्मिक सहिष्णुता विकसित करने के लिए शिक्षा सर्वोत्तम साधन है। सभी धर्मो में समाहित समानताओं के आधार पर पाठ्यवस्तु का निर्माण होना चाहिए। डॉ. इकबाल के अनुसार, "आत्मा अपने विकास का अवसर भौतिक, प्राकृतिक तथा धर्मनिरपेक्ष जगत में पति है। इसीलिए जिसकी जड़ों में धर्मनिरपेक्ष है. वह पवित्र है।"