राष्ट्रिय शिक्षा नीति (1986) - National Education Policy (1986)
राष्ट्रिय शिक्षा नीति (1986) - National Education Policy (1986)
i. राष्ट्रिय शिक्षा आयोग के अनुसार समाज में मूल्यों की गिरावट रोखने के लिए मूल्यों एवं आदर्शों की शिक्षा की आवश्यकता स्पष्ट की है।
ii. धार्मिक उग्रवाद, हिंसा, अंधविश्वास, कर्मकाण्ड, कुरीतियाँ आदि को समाप्त करने में शिक्षा सहायक होती है।
iii. सच्चाई, इमानदारी, सहनशीलता, न्याय, दया, क्षमा, शांति आदि के द्वारा शाश्वत मूल्यों का विकास कने में सहायक होती है।
iv. संविधानिक मूल्यों (जैसे- धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद, प्रजातंत्र ) के अनुसार समाज को बनाना शिक्षा का उद्देश्य है।
v. संवेदनशीलता, राष्ट्रिय एकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सुसंस्कृतता आदि का विकास शिक्षा द्वारा ही संभव है।
vi. धर्म संस्कृति का अभिन्न अंग है एवं शिक्षा संस्कृति का वाहक है।
vii. आदर्श नागरिकों का निर्माण शिक्षा द्वारा हो।
viii. संस्कृत भाषा को धर्म के साथ जोड़ना अनुचित है।
मानव जीवन के उन्नति एवं प्रगति का संबंध शिक्षा से जुड़ा है। मानवतावादी दृष्टिकोण शिक्षा द्वारा प्रसारित करना चाहिए। याकूब मसीह के अनुसार मानवतावाद जातिविहीन, वर्गविहीन, शोषणमुक्त, सर्वहितपोषक, सर्वोदय का प्रतिक है। सर्वजनहिताय सर्वजन सुखाय समाज का निर्माण धर्मनिरपेक्ष शिक्षा का लक्ष्य है।
वार्तालाप में शामिल हों