विश्लेषणात्मक अनुसंधान अभिकल्प - analytical research design
विश्लेषणात्मक अनुसंधान अभिकल्प - analytical research design
विश्लेषणात्मक अनुसंधान में आंकड़ों का संग्रह करके उसका विश्लेषण किया जाता है तथा आंकड़ों से मिली सूचनाओं से वर्तमान की स्थिति का वर्णन करते है पर यह आंकड़े द्वितीयक प्रकार के होने चाहिए। अर्थात् किसी भी समस्या का समाधान वैज्ञानिक विधि द्वारा ढूँढना। इस प्रकार का अनुसंधान मुख्य रूप से व्यवसायिक एवं औद्योगिक प्रकार के अनुसंधान मे किया जाता है। विश्लेषणात्मक अनुसंधान परिणामों की प्रक्रिया पर बल देता न कि परिणामो की महत्ता देता है।
इसमें आंकड़ों के विश्लेषण हेतु शोधकर्ता को सूक्ष्मदर्शी और अंतर्दृष्टिपूर्ण समझ रखने की आवश्यकता रहती हैं, बिना सूक्ष्मदर्शी और अंतर्दृष्टिपूर्ण ज्ञान के विश्लेषण निरर्थक रहता है।
इसमें सामग्री का विश्लेषण विशेषकर सामाजिक तथा व्यक्तिगत समस्याओं से सम्बद्ध रहती है। तथा इन्हीं समस्याओं के कार्य कारण संबंधों की स्थापना का एक कार्य है। इन कारणात्मक घटकों की एक शृंखला होती है तथा इस सम्पूर्ण शृंखला को खोजना नितांत आवश्यक होता है। ये घटक सामान्यतः एक जटिल सामाजिक परिस्थिति को समझने तथा संबंधित समस्या के निवारण में उल्लेखनीय भूमिका का निर्वहन करते हैं।
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