समाज मनोविज्ञान के कार्य क्षेत्र - areas of social psychology

समाज मनोविज्ञान के कार्य क्षेत्र - areas of social psychology


सामाजिक परिस्थिति में किये जाने वाले व्यवहारों को सामाजिक व्यवहार कहा जाता है। समाज मनोविज्ञान में सामाजिक व्यवहार के बहुत से पहलुओं का अध्ययन किया जाता है। अतः सामाजिक व्यवहार के भिन्न-भिन्न पहलू आपस में मिल कर समाज मनोविज्ञान के कार्यक्षेत्र का निर्माण करते हैं। सामाजिक व्यवहार के प्रमुख ऐसे पहलुओं की जो आधुनिक समाज मनोविज्ञान के मुख्य कार्य क्षेत्र हैं, की व्याख्या इस प्रकार की जा सकती है


1.मनोवृत्ति- आलपोर्ट (1968) के अनुसार मनोवृत्ति समाज मनोविज्ञान के कार्यक्षेत्र का प्रमुख अंग है जिसमे तीन प्रमुख घटक होते हैं- 


1. संवेगात्मक तत्त्व,


 2. व्यवहारपरक तत्त्व तथा 


3. संज्ञानात्मक तत्त्व. 


इन तीनों को मिलकर मनोवृत्ति का 'ABC' (ABC of attitude) कहा जाता है. मनोवृत्ति को मापने के लिए मनोवैज्ञानिकों ने भिन्न-भिन्न प्रकार की मापनी विधियाँ जैसे थर्स्टन मापनी, लिकर्ट मापनी, गटमैन मापनी, बोगार्डस मापनी आदि का विकास किया गया है.


2. पूर्वाग्रह एवं विभेद- पूर्वाग्रह (prejudice) का अर्थ पूर्व-निर्णय' है, अर्थात् किसी मामले के तथ्यों की जाँच किये बिना ही राय बना लेना या मन में निर्णय ले लेना। इस शब्द का उस स्थिति में प्रयोग किया जाता है जब किसी व्यक्ति या लोगों के किसी समूह के विरुद्ध निर्णय दिया गया हो और वह व्यक्ति या लोग किसी विशेष लिंग, राजनैतिक विचार, वर्ग, उम्र, धर्म, जाति, भाषा, राष्ट्रीयता के हों। विभेद वो भाव है जो पूर्वाग्रह के आधार पर लोगों से सामाजिक भागीदारी या मानव अधिकारों से इनकार करते हैं। यह एक प्रकार का नकारात्मक व्यवहार का उदाहरण है.


3. सामाजिक प्रत्यक्षण 


सामाजिक प्रत्यक्षण आधुनिक समाज मनोवैज्ञानिकों के कार्यक्षेत्र का दूसरा प्रमुख पहलू है दुसरे व्यक्तियों की प्रेरणा, इच्छाओं, मनोवृत्ति आदि से अवगत होकर तत्संबंधित ज्ञान प्राप्त करने की क्षमता को सामाजिक प्रत्यक्षण की संज्ञा डी जाती है.

इस कार्यक्षेत्र में समस्त मनोवैज्ञानिको का ध्यान मूलतः तीन पहलुओं पर अधिक गया है. वैयक्तिक प्रत्यक्षण, गुणारोपण तथा अशब्दिक संचार या सम्प्रेषण,


4. नेतृत्व (leadership)- जॉर्ज आर. टेरी ने नेतृत्व को उस योग्यता के रूप में परिभाषित किया है जो उद्देश्यों के लिए स्वेच्छा से कार्य करने हेतु प्रभावित करता है। मूरे नेतृत्व को एक ऐसी योग्यता मानते हैं जो व्यक्तियों कोनेता द्वारा अपेक्षित विधि के अनुसार कार्य करने के लिए प्रेरित करती है। ओसवाल्ड स्पैंगलर ने अपनी पुस्तक 'मैन ऐण्ड टेक्निक्स' (Man and Techniques) में लिखा है कि "इस युग में केवल दो प्रकार की तकनीक ही नहीं है वरन दो प्रकार के आदमी भी हैं। जिस प्रकार प्रत्येक व्यक्ति में कार्य करने तथा निर्देशन देने की प्रवृति है उसी प्रकार कुछ व्यक्ति ऐसे हैं जिनकी प्रकृति आज्ञा मानने की है। यही मनुष्य जीवन का स्वाभाविक रूप है। यह रूप युग परिवर्तन के साथ कितना ही बदलता रहे किन्तु इसका अस्तित्व तब तक रहेगा जब तक यह संसार रहेगा।"


5. अफवाह - अफवाह किसी व्यक्ति या घटना के बारे में एक अप्रमाणित कहानी है यह एक ऐसा कार्यक्षेत्र है जिसमे आधुनिक समाज मनोविज्ञानकों की रूचि प्रारंभिक समाज मनोवैज्ञानिकों की रूचि की अपेक्षा थोड़ा कम है। आल्पोर्ट तथा पोस्टमैन (1947) ने अफवाह के स्वरूप की व्याख्या करते हुए कहा की “अफवाह का होना दो बातों पर निर्भर करता है- पहला परिस्थिति में अस्पष्टता तथा दूसरी, परिस्थिति की महत्ता।"