निजी अनुभव के आधार पर निर्मित अभिवृत्ति - attitude based on personal experience

 निजी अनुभव के आधार पर निर्मित अभिवृत्ति - attitude based on personal experience


अध्ययन के आधार पर ज्ञात हुआ है कि व्यक्ति कि जो अभिवृत्ति प्रत्यक्ष रूप से निजी अनुभव के आधार पर निर्मित होती है उनका प्रत्यक्ष प्रभाव व्यक्ति के अनुक्रिया पर पड़ता है जिसके परिणाम स्वरूप अभिवृत्ति एवं व्यवहार में अनुरूपता होती है। रेगन एवं फेजियो ने इस कथन का इंद्रियानुभविक सत्यापन किया है। कार्नेल विश्वविद्यालय में वर्ष छात्रावासों में अपर्याप्त साधन उपलब्ध था। परिणाम स्वरूप अनेक छात्रों को अस्थाई रीती से किराए के कमरों में रहना पड़ा। इन लोगों ने भाड़े के मकान में रहने वालों और छात्रावासों में रहने वालों समतुल्य छात्रों की आवास संकट के प्रति अभिवृत्ति का मापन किया। अभिवृत्ति मापन के समय समूह को अनेक प्रकार के उपायों का सुझाव दिया गया जिसका उपयोग कर छात्रावास संकट को दूर करने की दिशा में सक्रिय हो सकते थे।

परिणामों से ज्ञात हुआ कि आवास संकट का प्रत्यक्ष अनुभव करने वाले छात्रों ने संबंधित अधिकारियों के पास पत्र भेजा समितियां बनाई और सक्रिय रूप से इस संकट का विरोध किया. जबकि छात्रावासों के आवासियों ने समान अभिवृत्ति रखते हुए भी ऐसा नहीं किया। इसी प्रकार से फेजियो तथा जान्ता 1975 ने ज्ञात किया कि मनोवैज्ञानिक प्रयोगों में भाग लेने के कारण भाग लेने के पक्ष या विपक्ष वाली अभिवृत्ति पुनः भाग लेने भाग न लेने का अधिक विश्वसनीय निर्धारक है। बिना भाग लिए निषेधात्मक या धनात्मक अभिवृत्ति वाले छात्रों के भाग लेने संबंधी व्यवहार का पूर्व कथन नहीं किया जा सकता था। इसी प्रकार रे इत्यादि 1973 एवं राथ्स चाइल्ड 1978 ने अभिवृत्ति व्यवहार संगति में वैयक्तिक संलग्नताके महत्व को स्पष्ट किया है।