सामाजिक प्रणाली के संगठन की आधारभूत इकाई - basic unit of organization of social system
सामाजिक प्रणाली के संगठन की आधारभूत इकाई - basic unit of organization of social system
सामाजिक प्रणाली में क्रिया के संगठन की एक प्रणाली है, जिसे भूमिका कहते हैं। यह सामाजिक प्रणाली की आधारभूत अवधारणात्मक इकाई है और इसमें एकल व्यक्ति के समग्र क्रियाकलापों की व्यवस्था भी सम्मिलित होती है। यह उस एकल व्यक्ति की क्रिया प्रणाली और सामाजिक प्रणाली के बीच विभाजक बिंदु भी है। पारसन्स के अनुसार भूमिका का मुख्य तत्व भूमिका की अपेक्षा है। इसमें एक पात्र और दूसरे व्यक्ति के बीच परंपरता की भी अपेक्षा होती है और यह श्रेणीबद्ध अभिप्रेरणात्मक और मूल्यपरक उन्मुखताओं से नियंत्रित होती है।
जैसा एवं उल्लेख किया जा चुका है। अभिप्रेरणात्मक उन्मुखता उस स्थिति की ओर संकते करते हैं। जिसमें कोई क्रिया एकल पात्र या व्यक्ति की आवश्यकताओं या अभिप्रेरणाओं, बाहरी उपस्थितियों और योजनाओं को ध्यान में रखकर होती है। मूल्यपरक उन्मुखता का अर्थ क्रिया के मूल्य, सौंदर्य बोध, नैतिकता आदि पक्षों से है। सामाजिक प्रणाली की क्रियात्मक इकाइयों के संगठन में अभिप्रेरणाओं और मूल्यों, दोनों का समावेश होता है, जो इसे पहले (यानि अभिप्रेरण के संदर्भ में) व्यक्तित्व प्रणाली से और बाद में (यानि मूल्यों के संदर्भ में) सांस्कृतिक प्रणाली से जोड़ते हैं।
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