नेतृत्व का अर्थ , परिभाषा
नेतृत्व का अर्थ , परिभाषा
"नेतृत्व एक प्रक्रिया है जिसमें कोई व्यक्ति सामाजिक प्रभाव के द्वारा अन्य लोगों की सहायता लेते हुए एक सर्वनिष्ट कार्य सिद्ध करता है। एक और परिभाषा एलन कीथ गेनेंटेक ने दी जिसके अधिक अनुयायी थे। "नेतृत्व वह है जो अंततः लोगों के लिए एक ऐसा मार्ग बनाना जिसमें लोग अपना योगदान दे कर कुछ असाधारण कर सकें."
ऑक्सफ़ोर्ड शब्दकोष के अनुसार नेतृत्व में दो अर्थ समाहित हैं, पहला अग्रणी होना और दूसरा आदेश देना नेतृत्व निजी या प्रशासनिक दोनों संगठनों में लक्ष्य प्राप्ति के लिए अधीनस्थों से व्यवहार का एक उपकरण है। नेतृत्व वह है जो निर्धारित लक्ष्यों को अधीनस्थों के व्यवहार से एकीकृत कर दें । विद्वानों ने नेतृत्व को भिन्न-भिन्न प्रकार से स्पष्ट किया है। कभी-कभी इसका अर्थ प्रसिद्धि से समझा जाता है। लोकतांत्रिक दृष्टि से इसका अर्थ उस स्थिति से समझा जाता है जिसमें कुछ व्यक्ति स्वेच्छा से दूसरे व्यक्तियों के आदेशों का पालन कर रहे हों।
परिभाषा
जॉर्ज आर. टेरी ने नेतृत्व को उस योग्यता के रूप में परिभाषित किया है "जो उद्देश्यों के लिए स्वेच्छा से कार्य करने हेतु प्रभावित करता है।"
लिंविग्स्टन के अनुसार "नेतृत्व से आशय उस योग्यता से है जो अन्य लोगों में एक सामाजिक उद्देश्य का अनुसरण करने की इच्छा जाग्रत करती है।"
मूरे "नेतृत्व को एक ऐसी योग्यता मानते हैं जो व्यक्तियों कोनेता द्वारा अपेक्षित विधि के अनुसार कार्य करने के लिए प्रेरित करती है।"
लेपियर और फार्म्सवर्थ (Lapiere and Famisworth) के अनुसार “नेतृत्व वह व्यवहार है
जो दूसरों के व्यवहार को उससे अधिक प्रभावित करता है जितना कि दूसरे व्यक्तियों के व्यवहार नेता को प्रभावित करते हैं। " सीमेन तथा मौरिस (Seemen and Morris ) के अनुसार “नेतृत्व व्यक्तियों द्वारा दी जाने वाली उन क्रियाओं में है जो दूसरे व्यक्तियों को एक विशेष दिशा में प्रभावित करती हो।"
किंवाल यंग के अनुसार- 'नेतृत्व की विवेचना प्रभुत्त्व के रूप में की जानी चाहिए।"
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